झालावाड़ देह व्यापार मामला: 6 नाबालिग बालिकाएं रेस्क्यू, मां समेत 5 गिरफ्तार
पुलिस ने डिकॉय ऑपरेशन चलाकर भवानीमंडी क्षेत्र से बच्चियों को मुक्त कराया। आरोपियों पर पोक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

झालावाड़ पुलिस ने भवानीमंडी में कार्रवाई कर देह व्यापार मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
राजस्थान के झालावाड़ जिले में नाबालिग बालिकाओं को देह व्यापार के दलदल में धकेलने का गंभीर मामला सामने आया है। भवानीमंडी थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देह शोषण का शिकार बनाई जा रही 6 नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। इस मामले में बालिकाओं की सगी मां, अन्य परिजनों और दलालों सहित 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार को मिले एक गोपनीय परिवाद और राष्ट्रीय समाचार पत्र की ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल का गठन किया गया था। सहायक पुलिस अधीक्षक श्री आयुष श्रोत्रिय (आई.पी.एस.) के निर्देशन में गठित इस दल ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों का पर्दाफाश करने के लिए डिकॉय ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई में स्पाई कैमरों और डिजिटल साक्ष्यों का इस्तेमाल किया गया। जुटाए गए साक्ष्यों से यह खुलासा हुआ कि किस तरह नाबालिग बालिकाओं का सौदा किया जा रहा था और उन्हें देह व्यापार में धकेला जा रहा था।
इसके बाद 3 नवंबर 2026 को 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने चिन्हित डेरों पर एक साथ दबिश दी। इस अभियान में सादे वस्त्रों में तैनात महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। पुलिस ने मौके से 12 से 17 वर्ष आयु वर्ग की कुल 6 नाबालिग बालिकाओं को दस्तयाब कर सुरक्षित रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू के बाद कराए गए मेडिकल परीक्षण और तकनीकी साक्ष्यों से सामने आया कि 6 में से 5 बालिकाओं के साथ बार-बार देह शोषण किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि रेस्क्यू की गई 2 बालिकाएं यौन संचारित रोग (STD) से ग्रसित हैं। दोनों बालिकाओं का तत्काल उपचार शुरू कराया गया है।
बालिकाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने उनका मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराया। इसके बाद बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार सभी बालिकाओं को सुरक्षित बालिका गृह भेज दिया गया, जहां उनके पुनर्वास और सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
मामले में पुलिस ने पोक्सो एक्ट (POCSO Act), अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम और आईटीपी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने इस अमानवीय कृत्य में शामिल सगी मां, अन्य परिजनों और दलालों सहित 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
झालावाड़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग बालिकाओं की अस्मिता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। छह बालिकाओं के रेस्क्यू और पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ सामने आया यह मामला नाबालिगों को देह व्यापार में धकेलने वाले नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई के रूप में सामने आया है।

Suresh Momiya, Jhalawar
नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय
परिचय
सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- दैनिक बढ़ता राजस्थान
- दैनिक कोटा ब्यूरो
- दैनिक दो गज दूरी
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
