झालावाड़ जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में झालरापाटन थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए मेडिकल स्टोर के एक ऐसे संचालक को गिरफ्तार किया है, जो प्रतिबंधित दवाओं की आड़ में युवाओं को नशे का जहर परोस रहा था। आरोपी बिना बिल के कोडीन युक्त कफ सिरप और अल्प्राजोलम टैबलेट की अवैध बिक्री कर रहा था।

मामले का खुलासा तब हुआ जब 26 अप्रैल को औषधि नियंत्रण अधिकारी सुरेंद्र कुमार पारेता ने बस स्टैंड के पीछे स्थित 'मैसर्स मंसूरी मेडिकल एंड जनरल स्टोर' का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मेडिकल स्टोर का मालिक समीर मंसूरी एनडीपीएस (NDPS) श्रेणी में आने वाली दवाओं का व्यापार नियमों को ताक पर रखकर कर रहा था। पुलिस की छापेमारी में स्टोर से कोडिस्टार एनएफ कफ सिरप की 10 नग बोतलें, टॉसेक्स सिरप की 175 बोतलें और एंक्सिट 0.5 एमजी की 90 गोलियां जब्त की गईं। प्रयोगशाला जांच में इन दवाओं में कोडीन और अल्प्राजोलम जैसे नशीले घटकों की पुष्टि हुई है।

औषधि नियंत्रण अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा के निर्देशन और सीओ हर्षराज सिंह खरेड़ा के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी हंसराज मीणा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने 21 जून को मुख्य आरोपी समीर मंसूरी, पुत्र मुबारिक हुसैन उर्फ भूरा, निवासी झालरापाटन को गिरफ्तार कर लिया।

जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सभी थानाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई से क्षेत्र में नशे का कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित संपर्कों की भी गहनता से जांच कर रही है।

Pratahkal Newsroom

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