झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य माह पर चिकित्सकों का ओरिएंटेशन
NMHP के तहत आयोजित कार्यक्रम में मन दर्पण और गेटकीपर मॉड्यूल के जरिए मानसिक तनाव की पहचान और उपचार का प्रशिक्षण दिया गया।

तस्वीर में झालावाड़ ऑडिटोरियम में बैनर पकड़े स्वास्थ्यकर्मी ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान नजर आ रहे हैं।
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनएमएचपी) झालावाड़ के तत्वावधान में मानसिक स्वास्थ्य माह के तहत शनिवार, 19 सितम्बर को राजकीय मेडिकल कॉलेज के सभागार में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों का ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों के एचओडी, वार्डन, सुपरवाइजर, चिकित्सक एवं प्रमुख रिसोर्स पर्सन सहित करीब 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
जिले में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 10 सितम्बर से 10 अक्टूबर तक मानसिक स्वास्थ्य माह अभियान संचालित किया जा रहा है। ओरिएंटेशन कार्यक्रम में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की समय रहते पहचान, तनाव प्रबंधन तथा मानसिक परेशानी से जूझ रहे व्यक्तियों को आवश्यक भावनात्मक सहयोग एवं समय पर उपचार उपलब्ध कराने के संबंध में जानकारी एवं प्रशिक्षण दिया गया।
मनोचिकित्सा विभाग के एचओडी एवं मनोचिकित्सक डॉ. शकील अंसारी ने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को ‘मन दर्पण’ कार्यक्रम के विभिन्न मॉड्यूल की जानकारी दी। उन्होंने ‘गेटकीपर मॉड्यूल’ के माध्यम से मानसिक तनाव अथवा परेशानी से जूझ रहे व्यक्ति की समय रहते पहचान करने तथा उसे आवश्यक सहयोग एवं चिकित्सा सेवाओं से जोड़ने में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
डॉ. शकील अंसारी ने बताया कि संवेदनशीलता के साथ समय पर संवाद, भावनात्मक सहयोग और उचित उपचार उपलब्ध कराने से गंभीर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों की रोकथाम में मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय पोरवाल ने मानसिक स्वास्थ्य माह के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान मेडिकल कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान कर जरूरतमंद व्यक्तियों को उचित परामर्श एवं उपचार सेवाओं तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
अभियान के तहत ‘युवा मन एवं मानसिक स्वास्थ्य’, ‘आई सपोर्ट माय फ्रेंड’, ‘गेटकीपर’, ‘एग्जाम स्ट्रेस मैनेजमेंट’ तथा ‘वर्कप्लेस स्ट्रेस मैनेजमेंट’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। 10 अक्टूबर को मानसिक स्वास्थ्य माह अभियान का समापन होगा।
अभियान के माध्यम से ‘स्वस्थ मन, सशक्त युवा, समृद्ध राजस्थान’ के संदेश को आमजन तक पहुंचाते हुए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, तनाव प्रबंधन को प्रोत्साहित करने तथा मानसिक परेशानी से जूझ रहे व्यक्तियों को समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता, परामर्श एवं मार्गदर्शन के लिए आमजन टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 अथवा 1800-891-4416 पर संपर्क कर सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रश्मि गुप्ता ने किया।

Suresh Momiya, Jhalawar
नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय
परिचय
सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- दैनिक बढ़ता राजस्थान
- दैनिक कोटा ब्यूरो
- दैनिक दो गज दूरी
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
