झालावाड़ जिले के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज जिला एसआरजी अस्पताल के बाहर शहर की सबसे व्यस्ततम सड़क पर कई सालों पहले पैदल चलने व रोड क्राॅस करने वाले लोगों की सुविधा के लिए बना एस्केलेटर केवल शो पीस बना हुआ है। पिछले कई सालों पहले इसमें आई तकनीकी खराबी के बाद से ही इसका संचालन बंद हो गया और नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पर ताला लगाकर इसे बंद कर दिया।


सरकारी धन की बर्बादी और विज्ञापनों का खेल अब करोड़ों की लागत से लगा यह एस्केलेटर केवल विज्ञापन करने वाले लोगों के बैनर व फ्लेक्स लगाने के काम आ रहा है। नीजी अस्पतालों के लिए विज्ञापन के उपयोग में यह वरदान सिद्ध हो रहा है। सरकार के द्वारा इसके निर्माण में लगा करोड़ों रुपया भी बेकार होता नजर आ रहा है।

व्यस्ततम फोरलेन पर मंडराता दुर्घटनाओं का खतरा झालावाड़ का जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, सहित जिला जनाना अस्पताल भी झालावाड़ जिला मुख्यालय के व्यस्ततम सिटी फोरलेन पर स्थित है। तीन बड़े अस्पतालों के सामने ही करीब दर्जन भर दवाईयो की दुकाने और लैबोरेट्री जांच केंद्र सहित डॉक्टर्स के क्लीनिक भी मौजूद हैं। ऐसे में इन अस्पतालों सहित मेडिकल स्टोर्स और लैबोरेट्री सहित डॉक्टर्स के क्लीनिक पर आने वाले हजारों मरीज और उनके तीमारदार व्यस्ततम सड़क को क्राॅस करके निकलते हैं। ऐसे में कई बार मरीज और उनके तीमारदार दुर्घटनाओं का भी शिकार हो जाते हैं क्योंकि इस सड़क पर लगातार तेज रफ्तार से वाहन निकलते हैं।

निर्माण का उद्देश्य और वर्तमान दुर्दशा इसी परेशानी को देखते हुए बरसों पहले यहां पर एस्केलेटर लगाया गया था, जिससे कि जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज सहित जनाना अस्पताल में आने वाले मरीज और उनके तीमारदार सड़क को क्रॉस कर दवाइयों की दुकानो व निजी लैबोरेट्री पर जाने के दौरान किसी दुर्घटना का शिकार नहीं हों। करीब 10 करोड की लागत से एनएचएआई द्वारा निर्मित यह ऐस्केलेटर रखरखाव के अभाव में और तकनीकी खराबी के चलते बरसों से शोपीस बना हुआ है। हाईवे पर भारी ट्रैफिक के कारण गंभीर मरीजों और बुजुर्गों एवं निशक्त जनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके उद्घाटन के बाद से एक दो बार ही इसका संचालन हुआ और उसके बाद इसमें तकनीकी खराबी आने पर इसे बंद कर दिया गया।
रखरखाव के अभाव में लगातार इसकी दुर्गति होती गई और यह एस्केलेटर शराबी नशेड़ियों का ठिकाना बन गया।

जनता की मांग और राजनीतिक आक्रोश झालावाड़ की सिटी फोरलेन स्थित हाईवे पर करोड़ों की लागत से बने एस्केलेटर के वर्षों से बंद रहने को लेकर अब शहर के नागरिक भी मुखर होने लगे हैं। वहीं कांग्रेस नेताओं ने भी नगर परिषद की कार्यशैली को लेकर जमकर निशाना साधा है। आम जनता ने इसके रखरखाव और मरम्मत करवा कर इसे दोबारा से संचालित करने की मांग की है, जिससे कि मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल में आने वाले हजारों मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिल सके। कांग्रेस नेताओं ने भी कहा कि इसके निर्माण में लगे करोड़ों रुपए का उपयोग करने के लिए इसका जल्द से जल्द रखरखाव करवा कर इसे दोबारा से शुरू करवाया जाए, जिससे कि मरीजों को भी राहत मिले और दुर्घटनाओं पर भी रोक लगाई जा सके।

स्थानीय प्रतिनिधियों एवं प्रबुद्ध जनों के वक्तव्य "एस्केलेटर बना है स्वचालित सीढ़ियां हैं जो लम्बे समय से खराब पड़ा है इसका कोई उपयोग नहीं हो रहा है जिसको देखने वाला कोई नहीं है, इसके पार्ट्स भी चोरी हो रहे हैं इसमें न तो अस्पताल प्रशासन गंभीरता से लें रहा है न ही जिला प्रशासन व नगरपरिषद ध्यान दें रहा है, नहीं चुने हुए जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस जन सुविधा पर है।" — रघुराज सिंह हाड़ा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता झालावाड़ "दुर्घटना रोकने के लिए मरीजों व तिमारदारो की सुविधा के लिए बनाया था, अच्छी पहल थी, नगरपरिषद द्वारा ध्यान नहीं देने से इसका दूरूपयोग हो रहा है।" — ओम पाठक, संयोजक, पर्यटक विकास समिति, झालावाड़

अतः प्रशासन से मांग है कि करोड़ों की इस जन सुविधा को कबाड़ होने से बचाकर पुनः जनहित में शुरू किया जाए।

Pratahkal Newsroom

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