झालावाड़ मेडिकल कॉलेज: डॉक्टरों ने 5 घंटे की जटिल सर्जरी कर हटाई गांठ, 14 वर्षीय नीतीश को नया जीवन
झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने 14 वर्षीय नीतीश की कमर की नसों में जकड़ी गांठ का 5 घंटे तक सफल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन दिया है।

झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में 14 वर्षीय नीतीश कुमार, जिनकी सफल सर्जरी कर डॉक्टरों ने नया जीवन दिया।
झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के न्यूरोसर्जरी विभाग ने 14 वर्षीय नीतीश कुमार की कमर में नसों को जकड़ चुकी गांठ का पांच घंटे तक जटिल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन दिया। प्रहलादपुरा, रीछवा बकानी निवासी नीतीश पिछले 10 दिनों से असहनीय दर्द के कारण ठीक से सो भी नहीं पा रहा था। ऑपरेशन के बाद अब उसकी हालत पूरी तरह स्वस्थ बताई गई है। यह सर्जरी मां योजना के तहत पूर्णतया निःशुल्क की गई।
नीतीश कुमार, उम्र 14 वर्ष, को एक दिन अचानक सीधे लेटने में परेशानी होने लगी। उसने अपनी मां को बताया कि लेटने पर कमर और पैरों में बहुत दर्द होता है। परिवार के सदस्य उसे स्थानीय डॉक्टर के पास ले गए, जहां उसे गोली दी गई। इसके बावजूद रात में उसकी तकलीफ बढ़ गई। जैसे ही वह पलंग पर बैठकर सोने की कोशिश करता, उसे असहनीय दर्द होने लगता। किसी तरह रात गुजारने के बाद सुबह उसे झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. रामसेवक योगी को दिखाया गया।
प्रारंभिक जांच के बाद नीतीश को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। दवाइयों से उपचार के बावजूद उसे आराम नहीं मिला और उसे बैठकर ही रात गुजारनी पड़ी। अगले दिन डॉ. रामसेवक योगी ने एमआरआई कराने की सलाह दी, लेकिन जांच के लिए भी लेटना जरूरी था। असहनीय दर्द के कारण नीतीश की एमआरआई नहीं हो पाई। हालांकि, एमआरआई के बिना आगे का इलाज संभव नहीं था। इसके बाद मरीज को बेहोश करके एमआरआई कराई गई।
जांच में सामने आया कि नीतीश की कमर में मौजूद गांठ ने नसों को पूरी तरह जकड़ रखा था। इसके बाद परिवार के सदस्यों को ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई और मरीज को जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल ले जाने के लिए कहा गया। हालांकि, ऑपरेशन के जोखिमों के बारे में समझाने के बाद भी नीतीश के माता-पिता ने झालावाड़ में ही सर्जरी कराने का निर्णय लिया।
न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. रामसेवक योगी के अनुसार, इस तरह के ऑपरेशन अत्यधिक जटिल होते हैं, क्योंकि गांठ नसों को पूरी तरह जकड़ चुकी थी। गांठ को नसों से अलग करते समय मरीज के दोनों पैरों में कमजोरी आने का खतरा था। इसके अलावा, मरीज को लैटरिंग और पेशाब के बारे में पता नहीं चलने तथा आजीवन अपंग हो जाने की आशंका भी रहती है। डॉ. योगी ने बताया कि इस तरह के ऑपरेशन जयपुर जैसे बड़े शहरों में किए जाते हैं।
डॉ. रामसेवक योगी के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने करीब पांच घंटे तक जटिल सर्जरी की। ऑपरेशन के बाद नीतीश अब बिल्कुल स्वस्थ है। इस पूरी सर्जरी का खर्च मां योजना के अंतर्गत पूर्णतया निःशुल्क रहा।
ऑपरेशन में डॉ. रामसेवक योगी की टीम के डॉ. रामावतार मालव और डॉ. रामलखन मालव का योगदान रहा। वहीं, निश्चेतना विभाग से डॉ. राजीव गुप्ता और डॉ. क्रिती के साथ स्टाफ के कन्हिया लोहार तथा रवि ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में हुई इस जटिल सर्जरी से असहनीय दर्द से जूझ रहे 14 वर्षीय नीतीश को राहत मिली और वह फिर से सामान्य जीवन की ओर लौट सका।

Suresh Momiya, Jhalawar
नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय
परिचय
सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- दैनिक बढ़ता राजस्थान
- दैनिक कोटा ब्यूरो
- दैनिक दो गज दूरी
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
