अनिवार्य पंजीयन एवं विधिक कार्यवाही

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मोहम्मद साजिद ने बताया कि:

"अधिनियम के अंतर्गत प्रत्येक नैदानिक संस्थानों, हॉस्पिटल, क्लिनिक, लेब आदि का विधिवत पंजीयन अनिवार्य है। बिना पंजीयन संचालित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। राज्य सरकार के निर्देशानुसार सभी लैब संचालकों को अधिनियम के प्रावधानों की पालना करते हुऐ लैब का स्थायी पंजीयन करवाना अनिवार्य है।"


संस्थानों के लिए आवश्यक मानक एवं नियम

अधिनियम के प्रावधान के अनुसार प्रत्येक नैदानिक संस्थान को निम्नलिखित नियमों की पालना करना अनिवार्य है:

  • बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों की पालना।
  • अग्नि सुरक्षा प्रमाण-पत्र।
  • प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण-पत्र।
  • दर सूची का सार्वजनिक प्रदर्शन।
  • मरीजो के अधिकारों का संरक्षण।
  • पारदर्शी शुल्क व्यवस्था का प्रदर्शन तथा उपचार संबंधी समुचित अभिलेख संधारण।

जुर्माने एवं दंड का प्रावधान

यदि जिले में अपंजीकृत नैदानिक संस्थाऐं पायी जाती है तो नैदानिक स्थापन (रजिस्ट्रीकरण एवं विनियमन) अधिनियम, 2010 के अन्तर्गत सख्त कार्यवाही करते हुऐ नैदानिक संस्थाऐं संचालन कर्ता पर 10 हजार से लेकर 5 लाख रूपये तक का जुर्माना अधिरोपित किया जावेगा। साथ ही उस अपंजीकृत नैदानिक संस्थान पर कार्य करने वाले कर्मचारी पर 25 हजार तक का जुर्माना लगाये जाने का प्रावधान है।


Pratahkal Bureau

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