झालावाड़: खोद रेवा परियोजना के मुआवजे की मांग, ग्रामीणों ने पंप हाउस पर जड़ा ताला
खोद रेवा परियोजना में डूबी जमीन के मुआवजे और प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर जलापूर्ति रोकी, प्रशासन ने दिया आश्वासन।

झालावाड़ की ग्राम पंचायत श्री छतरपुरा में खोद रेवा परियोजना से प्रभावित किसान मुआवजे की मांग को लेकर पंप हाउस के बाहर प्रदर्शन करते हुए, जहां प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाइश कर ताला खुलवाया।
झालावाड़ जिले की ग्राम पंचायत श्री छतरपुरा में खोद रेवा परियोजना के कारण जलमग्न हुई कृषि भूमि के मुआवजे और प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने उग्र धरना प्रदर्शन किया। अपनी मांगों को अनसुना किए जाने से नाराज किसानों ने विरोध स्वरूप पंप हाउस पर ताला लगाकर जलापूर्ति पूरी तरह ठप कर दी, जिससे क्षेत्र के कई हिस्सों में पानी का संकट गहरा गया।
जलभराव और मुआवजे की मांग पर आक्रोश
ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि उनकी उपजाऊ कृषि भूमि लंबे समय से परियोजना के जलभराव की चपेट में है, जिसके कारण वहां खेती करना पूरी तरह असंभव हो गया है। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि "प्रशासन की ओर से न तो अब तक इस क्षेत्र को प्रभावित घोषित किया गया है और न ही पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिया गया है।" समस्या का समाधान न होने से व्यथित ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो इस आंदोलन को और भी अधिक तेज किया जाएगा।
आर्थिक नुकसान और प्रशासनिक अनदेखी
धरना स्थल पर एकत्रित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि "जलभराव के कारण लगातार फसलें खराब हो रही हैं और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।" इस दौरान कालू अहीर, ज्ञान चंद अहीर, दुली चंद अहीर, दिनेश अहीर, विष्णु अहीर, प्रहलाद अहीर और पूरीलाल मेरोठा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
अधिकारियों की समझाइश और आश्वासन
पंप हाउस पर ताला लगने और पानी सप्लाई रुकने की सूचना मिलते ही तहसीलदार अब्दुल हफीज, आईएन और जयन (जयन आयन) मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी ग्रामीणों से वार्ता कर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। तहसीलदार अब्दुल हफीज ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि "दो महीने के भीतर सर्वे कर रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी और पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।" इसके साथ ही उन्होंने प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग पर भी नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।
वार्ता के बाद बहाल हुई जल आपूर्ति
प्रशासन द्वारा लिखित आश्वासन और सकारात्मक कार्यवाही के भरोसे के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त करने का निर्णय लिया। दयाराम लोदा, सतवीर नागर और अन्य ग्रामीणों की उपस्थिति में पंप हाउस का ताला खोलकर पानी की सप्लाई पुनः बहाल कर दी गई। प्रशासन ने भविष्य में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए त्वरित कदम उठाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

Pratahkal Bureau
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