झालावाड़ मेडिकल कॉलेज की बड़ी उपलब्धि: पांच माह के मासूम को मिली नई जिंदगी, जटिल एंडोस्कोपी सर्जरी से रचा गया चिकित्सा इतिहास
पांच माह के एक गंभीर रूप से बीमार मासूम को झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने जटिल एंडोस्कोपी सर्जरी के जरिए नया जीवन दिया। आयुष्मान योजना के तहत हुए इस उपचार ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सफलता को उजागर किया।

झालावाड़ के एसआरजी चिकित्सालय के ऑपरेशन थिएटर में जून 2026 को पांच माह के शिशु की जटिल न्यूरो सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न करती डॉक्टरों की टीम; (इनसेट में) स्वस्थ होने के बाद बच्चे के साथ डॉक्टर।
चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट समन्वय, विशेषज्ञता और मानवीय संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। झालावाड़ मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एसआरजी चिकित्सालय एवं जनाना चिकित्सालय के चिकित्सकों ने पांच माह के एक गंभीर रूप से बीमार नवजात का सफल उपचार कर उसे नया जीवन प्रदान किया है। इस उपलब्धि ने न केवल जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता को साबित किया है, बल्कि सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के प्रति लोगों का विश्वास भी और मजबूत किया है।
मध्यप्रदेश के सुसनेर (सोयत) क्षेत्र के कंवरखेड़ी निवासी तथा पैरा मिलिट्री फोर्स में कार्यरत जवान राजेश डांगी और उनकी पत्नी सरिता के यहां जनवरी माह में जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ था। जन्म के कुछ समय बाद परिजनों ने महसूस किया कि दोनों बच्चों में से एक अपनी गर्दन सामान्य रूप से नहीं संभाल पा रहा है। कई स्थानों पर चिकित्सकीय परामर्श लेने के बावजूद स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी, जिसके बाद परिवार उपचार की उम्मीद लेकर झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के एसआरजी चिकित्सालय पहुंचा।
यहां न्यूरो सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. रामसेवक योगी ने बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल भर्ती कराया। विस्तृत जांच के दौरान सामने आया कि नवजात हाइड्रोसिफैलस नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित है। इस बीमारी में मस्तिष्क के भीतर अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा हो जाता है, जिससे समय रहते उपचार न मिलने पर गंभीर स्वास्थ्य जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।
बच्चे की उम्र महज पांच माह होने के कारण उपचार चिकित्सकीय दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण था। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने गहन विचार-विमर्श के बाद दूरबीन पद्धति यानी एंडोस्कोपी तकनीक से सर्जरी करने का निर्णय लिया। मस्तिष्क में अत्यंत छोटे छिद्र के माध्यम से ऑपरेशन करना न्यूरो सर्जरी टीम के लिए बड़ी चुनौती था, वहीं इतने छोटे शिशु को सुरक्षित रूप से एनेस्थीसिया देना भी जोखिमपूर्ण प्रक्रिया मानी जाती है।
न्यूरो सर्जरी, एनेस्थीसिया, बाल रोग विभाग तथा नर्सिंग स्टाफ के उत्कृष्ट समन्वय और सतर्कता के चलते यह जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। ऑपरेशन के बाद बाल रोग विभाग द्वारा की गई निरंतर निगरानी और उपचार ने बच्चे के स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चिकित्सकों के अथक प्रयासों का परिणाम यह रहा कि बच्चा अब स्वस्थ है और सामान्य रूप से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहा है।
बच्चे को 15 जून 2026 को अस्पताल में भर्ती किया गया था। अस्पताल अधीक्षक की विशेष अनुमति से उसका संपूर्ण उपचार आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पूर्णतः निशुल्क किया गया। इससे परिवार को आर्थिक राहत मिली और महंगे उपचार की चिंता से भी मुक्ति मिली।
परिजनों ने बताया कि वे बच्चे के इलाज को लेकर बेहद चिंतित थे और जयपुर, दिल्ली तथा इंदौर जैसे बड़े शहरों में संभावित महंगे उपचार की वजह से निराशा की स्थिति में पहुंच चुके थे। ऐसे समय में झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने न केवल बच्चे को नया जीवन दिया, बल्कि पूरे परिवार को नई उम्मीद भी प्रदान की।
इस सफल उपचार में न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ. रामसेवक योगी, डॉ. राम अवतार मालव एवं डॉ. चंदन सिंह, एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. उपेंद्र, डॉ. अटल राज एवं डॉ. संजीव गुप्ता तथा पीडियाट्रिक विभाग के डॉ. राजेंद्र नागर एवं डॉ. हेमाराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। नर्सिंग अधिकारी कीर्ति मित्तल और कन्हैयालाल सुथार ने भी उपचार प्रक्रिया में उल्लेखनीय सहयोग प्रदान किया।
यह सफलता न केवल चिकित्सकीय दक्षता और आधुनिक तकनीक का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी अस्पतालों में गंभीर और जटिल बीमारियों का गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध है। बच्चे के माता-पिता ने चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आमजन से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
