झालावाड़ में स्वच्छता सर्वेक्षण के दौर के बीच नगरपरिषद की कथित कचरा निस्तारण व्यवस्था सवालों के घेरे में है। शहर को साफ रखने के दावों के बीच भोपाल-इंदौर हाईवे से गुजरने वाले राहगीरों और नवलखा किले के नीचे की वादियों में इन दिनों कचरे का ढेर नजर आ रहा है। आरोप है कि नगरपरिषद द्वारा शहर का कचरा ऐतिहासिक नवलखा किले के ठीक नीचे स्थित संरक्षित वन भूमि पर डाला जा रहा है।

हाईवे किनारे और हरे-भरे पेड़ों के बीच प्लास्टिक की थैलियां, सड़े-गले अवशेष और शहर भर का मलबा फैला हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कचरा गाड़ियों में भरकर लाया जाने वाला कचरा यहां फेंका जाता है। इससे वन क्षेत्र की स्वच्छता और पर्यावरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मामले को लेकर यह भी सवाल उठ रहा है कि जिस स्थान पर कचरा डाला जा रहा है, वह संरक्षित वन भूमि है। ऐसे में वन भूमि पर कचरा फेंकना पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाने के साथ ही वन संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन का मामला भी बन सकता है। पूरे मामले के पुख्ता सबूत सामने आने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं होने का आरोप है।

हाईवे से गुजरने वाले राहगीरों के अनुसार क्षेत्र में कचरे से उठने वाली दुर्गंध इतनी तेज है कि झालावाड़ की सीमा में प्रवेश का अहसास बिना किसी नेविगेशन के ही हो जाता है। कचरे के कारण नवलखा किले के नीचे का प्राकृतिक और ऐतिहासिक क्षेत्र भी प्रभावित होता दिखाई दे रहा है।

जनता अब नगरपरिषद की कचरा निस्तारण व्यवस्था पर सवाल उठा रही है। सवाल यह है कि क्या नगरपरिषद के पास Solid Waste Management के तहत कचरा निस्तारण का यही एकमात्र 'वैज्ञानिक' तरीका बचा है? क्या ऐतिहासिक नवलखा किले और वन विभाग की जमीन को कचरा पात्र बनाने की स्वीकृति वन विभाग ने दी है या यह परिषद का अपना 'स्वतंत्र निर्णय' है?

अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। सवाल यह भी है कि यदि वन भूमि पर इसी तरह कचरा डाला जाता रहा तो नवलखा किले के नीचे जमा होता कचरे का पहाड़ कब और कैसे हटेगा तथा जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या नहीं।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story