नशा तस्करों पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध मकानों को बुलडोजर से किया ध्वस्त
अकलेरा क्षेत्र में नशा तस्करों के अवैध मकानों पर वन विभाग की बुलडोजर कार्रवाई, पुलिस ने अपराधियों की संपत्तियों को किया चिन्हित।

मानपुरा गुजरान में वन भूमि पर बने नशा तस्करों के अवैध मकान को जेसीबी मशीन से ढहाते हुए वन विभाग का दस्ता।
संगठित अपराध और अवैध मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस और वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नशा तस्करों के अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि जिला स्तर पर अवैध मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त, परिवहन, निर्माण और खपत से जुड़े अवैध कार्यों में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से बनाई गई संपत्तियों की सूचनाओं का संकलन किया जा रहा है तथा तस्करों की अवैध संपत्तियों को चिन्हित किया जा रहा है। साथ ही मादक पदार्थ तस्करों द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर किए गए निर्माणों से संबंधित सूचनाएं भी एकत्रित की जा रही हैं।
इसी क्रम में कालुलाल पुत्र चंदालाल तंवर निवासी महुआखोह और गिरिराज पुत्र रामचन्द्र तंवर निवासी महुआखोह द्वारा मानपुरा गुजरान में वन भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर मकानों का निर्माण करवाया गया था। दोनों ही अतिक्रमी अपराधियों द्वारा लंबे समय से मादक पदार्थ तस्करी का कार्य किया जा रहा था। नशा तस्करों ने रेंज अकलेरा के मानपुरा गुजरान में बेशकीमती वन भूमि पर अवैध कब्जा कर मकान बनाए थे।
उप वन संरक्षक सागर पवार के निर्देशानुसार वन विभाग ने नशा तस्करों के अवैध मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान एसीएफ मुकेश सहजवानी के नेतृत्व में क्षेत्रीय वन अधिकारी अकलेरा राजेंद्र मीणा सहित अकलेरा, असनावर और गश्ती दल का स्टाफ मौजूद रहा।
पुलिस उप अधीक्षक वृत्त अकलेरा मनोज सोनी, थाना अकलेरा थानाधिकारी धर्माराम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। वन विभाग ने नोटिस की पालना में अवैध निर्माण नहीं हटाने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अमल में लाया। अल सुबह से ही वन विभाग का दस्ता और पुलिस बल बड़ी संख्या में तैनात रहा।
बताया गया कि नशा तस्कर काफी समय से मादक पदार्थ तस्करी के कार्य में लिप्त थे, जिससे उन्होंने बड़ी मात्रा में धन अर्जित किया।
कालुलाल पुत्र चंदालाल तंवर निवासी महुआखोह के विरुद्ध कुल 02 प्रकरण दर्ज हैं, जो दोनों ही मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े हुए हैं। कालुलाल लंबे समय से नशा तस्करी का काम कर रहा है। उसके विरुद्ध वर्ष 2019 में एनडीपीएस एक्ट का पहला प्रकरण दर्ज किया गया था। वर्ष 2025 में उसके विरुद्ध मादक पदार्थ तस्करी का दूसरा प्रकरण दर्ज किया गया, जिसमें 01 करोड़ 20 लाख बाजार मूल्य की नशा सामग्री बरामद की गई थी।
गिरिराज पुत्र रामचन्द्र तंवर निवासी महुआखोह के विरुद्ध भी 02 प्रकरण मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े हुए दर्ज हैं। गिरिराज के विरुद्ध पहला प्रकरण वर्ष 2017 में दर्ज किया गया था, जिसमें 05 लाख बाजार मूल्य की अवैध नशा सामग्री बरामद की गई थी। वर्ष 2019 में दर्ज दूसरे प्रकरण में गिरिराज से 04 लाख बाजार मूल्य की नशा सामग्री जब्त की गई थी।
कालूलाल पुत्र चन्दालाल जाति तंवर निवासी महुवाखोह थाना अकलेरा के आपराधिक रिकॉर्ड में कोतवाली झालावाड में मुकदमा नंबर 342/19 दर्ज है, जिसमें धारा 8/21,29 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी और सीएस नंबर 984/27.09.19 है। वहीं मोडक थाना में मुकदमा नंबर 141/25 दर्ज है, जिसमें धारा 8/21,25,29 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज है और जांच जारी है।
गिरिराज उर्फ गिर्राज पुत्र रामचन्द्र जाति तंवर निवासी मह्वाखोह थाना अकलेरा के विरुद्ध भी मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े प्रकरण दर्ज हैं। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से नशा तस्करों के अवैध निर्माणों पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई।

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