झालावाड़ में रेड बुल की 339 कैन सीज, भ्रामक दावों और लाइसेंस अनियमितता पर खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई
झालावाड़ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने रेड बुल की 339 कैन सीज की। भ्रामक दावों, लाइसेंस अनियमितता और मिसब्रांडिंग मामले में जांच तेज।

तस्वीर में बाईं ओर कैप पहने खड़े खाद्य सुरक्षा दल के सदस्य और दाईं ओर मेज पर रखी रेड बुल कैन के स्टॉक की जांच करते अधिकारी नजर आ रहे हैं।
झालावाड़ में प्रदेशभर में संचालित "शुद्ध आहार, मिलावट पर वार" अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कैफिनेटेड बेवरेज रेड बुल की 339 कैन सीज कर दी हैं। यह कार्रवाई आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण राजस्थान डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशानुसार झालावाड़ खाद्य सुरक्षा दल ने की।
अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, झालावाड़ डॉ. मोहम्मद साजिद ने बताया कि खाद्य सुरक्षा दल ने मै. श्री सांवलिया जी सेल्स, अग्रवाल सेवा सदन, पुलिस लाइन, झालावाड़ का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान पर रेड बुल कैफिनेटेड बेवरेज के 15 पैकेट पाए गए, जिनमें प्रत्येक पैकेट में 24 कैन (250 मि.ली.) थीं। इस प्रकार कुल 360 कैन विक्रय के लिए रखी हुई मिलीं।
निरीक्षण के दौरान उत्पाद के लेबल पर "Energy Drink" एवं "Vitalizes Body and Mind" जैसे दावे अंकित पाए गए। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI), नई दिल्ली के प्रावधानों के अनुसार ऐसे दावे भ्रामक प्रचार की श्रेणी में आ सकते हैं। इसी आधार पर खाद्य सुरक्षा दल ने उत्पाद का एक नमूना जांच के लिए लिया तथा शेष 339 कैन को मौके पर ही सीज कर दिया।
डॉ. मोहम्मद साजिद ने बताया कि लिए गए नमूने को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा। साथ ही उत्पाद के लेबल की भी विधिवत जांच कराई जाएगी। प्रयोगशाला एवं लेबल जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि प्रतिष्ठान के खाद्य अनुज्ञा (लाइसेंस) पत्र में व्यवसाय स्थल का पूर्ण पता अंकित नहीं था। इसके अलावा खाद्य कारोबारकर्ता द्वारा पूर्व में मिथ्या छाप (Misbranding) के प्रकरण में अधिरोपित जुर्माना भी जमा नहीं कराया गया था। इस पर खाद्य सुरक्षा दल ने खाद्य कारोबारकर्ता को तत्काल लाइसेंस में व्यवसाय स्थल का सही पता दर्ज कराने तथा बकाया जुर्माना जमा कराने के निर्देश दिए।
विभाग ने स्पष्ट किया कि यदि निर्देशों की पालना नहीं की गई तो न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार खाद्य अनुज्ञा पत्र का निलंबन करते हुए प्रतिष्ठान को सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा कि जिले में मिलावटी एवं भ्रामक प्रचार वाले खाद्य एवं पेय पदार्थों के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

Suresh Momiya, Jhalawar
नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय
परिचय
सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- दैनिक बढ़ता राजस्थान
- दैनिक कोटा ब्यूरो
- दैनिक दो गज दूरी
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
