झालावाड़: फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के माध्यम से सरकारी सेवा में अनुचित लाभ उठाने वाले जालसाजों के खिलाफ झालावाड़ पुलिस और एसओजी (SOG) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस मामले में 12 वर्षों से राजकीय सेवा में कार्यरत एक शिक्षक को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

झालावाड़ जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र के सहारे नौकरी हासिल करने वाले कार्मिकों के विरुद्ध गोपनीय परिवाद प्राप्त हुए थे। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आरपीएस प्रोबेशनर कृष्ण गोपाल द्वारा जांच शुरू की गई। इसी दौरान स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी), जयपुर से भी झालावाड़ पुलिस को गोपनीय परिवाद प्राप्त हुए। पुलिस ने निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करते हुए संबंधित कार्मिकों का बायोमीट्रिक सत्यापन करवाया और संभाग स्तरीय एम.बी.एस. अस्पताल मेडिकल कॉलेज, कोटा में एक विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन कर पुन: जांच करवाई।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि नियमों के अनुसार विकलांग कोटे का लाभ लेने के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत दिव्यांगता अनिवार्य है, जबकि मेडिकल बोर्ड की अंतिम रिपोर्ट में आरोपी बन्ने सिंह की दिव्यांगता मात्र 06 प्रतिशत यानी अमान्य पाई गई और आरोपी योगेश कुमार की दिव्यांगता शून्य प्रतिशत निकली। दोनों ही कार्मिक दिव्यांगजन कोटे के लिए अपात्र और अयोग्य पाए गए। इसके बाद झालावाड़ पुलिस द्वारा एसओजी को प्रेषित रिपोर्ट के आधार पर पुलिस थाना कोतवाली में प्रकरण संख्या 307/2026 दर्ज किया गया, जिसकी जांच आरपीएस प्रोबेशनर कमल कुमार मीणा को सौंपी गई।

अनुसंधान अधिकारी कमल कुमार मीणा ने चिकित्सा विभाग से जारी मूल प्रमाण-पत्रों, राजस्थान लोक सेवा आयोग एवं राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को दी गई परीक्षाओं के आवेदन, नियुक्ति के समय सत्यापन दस्तावेज और पुन: मेडिकल परीक्षण के सत्यापित रिकॉर्ड का गहन विश्लेषण किया। पुख्ता सबूतों के आधार पर स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल, बकानी में तैनात शिक्षक बन्ने सिंह को बुधवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। वहीं, मामले में नामजद दूसरे आरोपी शिक्षक योगेश कुमार, निवासी बयाना, की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को रवाना कर दिया गया है। यह कार्रवाई फर्जीवाड़े के जरिए सरकारी नौकरी पाने वालों के लिए एक कड़ा संदेश है।

Suresh Momiya, Jhalawar

Suresh Momiya, Jhalawar

नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)

वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय


परिचय

सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:

  • दैनिक बढ़ता राजस्थान
  • दैनिक कोटा ब्यूरो
  • दैनिक दो गज दूरी

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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