झालावाड़: मिनी सचिवालय में जिला कलक्टर का औचक धावा, अव्यवस्थाओं पर बरसे अजय सिंह राठौड़
झालावाड़ जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने मिनी सचिवालय का डेढ़ घंटे तक औचक निरीक्षण किया। गंदगी, तंबाकू के निशानों और छत पर उगी घास को देख कलक्टर ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और कोटपा एक्ट के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए। मरम्मत, रंग-रोगन और नियमित निरीक्षण के सख्त आदेशों के साथ प्रशासन में हड़कंप।

झालावाड़। जिला मुख्यालय स्थित मिनी सचिवालय में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ अचानक प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस सघन औचक निरीक्षण के दौरान कलक्टर ने सचिवालय की बदहाली, गंदगी और दीवारों पर तंबाकू की पीक देखकर गहरी नाराजगी व्यक्त की। प्रशासनिक अनुशासन को ताक पर रखने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत देते हुए कलक्टर ने स्पष्ट कर दिया कि सरकारी परिसरों में लापरवाही और गंदगी के लिए कोई स्थान नहीं है।
निरीक्षण की शुरुआत करते हुए जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने एडीएम कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, कोष कार्यालय, रसद विभाग, अल्पसंख्यक विभाग, उद्यान विभाग, कृषि विभाग, आयुर्वेद विभाग और बीमा विभाग का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने एडीएम और एसडीएम कोर्ट के साथ-साथ विभिन्न अनुभागों की फाइलों और कार्यप्रणाली को भी जांचा। जैसे ही कलक्टर की नजर सचिवालय की दीवारों पर तंबाकू के निशानों और यत्र-तत्र बिखरे कचरे पर पड़ी, उन्होंने तत्काल अधिकारियों को तलब किया। उन्होंने परिसर में तंबाकू का सेवन कर सार्वजनिक स्थान को गंदा करने वालों के विरुद्ध कोटपा एक्ट (COTPA Act) के तहत कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सचिवालय भवन की अव्यवस्था यहीं समाप्त नहीं हुई। जब जिला कलक्टर भवन की छत पर पहुंचे, तो वहां उगी घास और बिखरा हुआ निर्माण सामग्री का मलबा देखकर उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मुकेश मीणा को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि छत से तत्काल घास और कंकड़-पत्थर हटाए जाएं। भवन के जीर्ण-शीर्ण ढांचे को देखते हुए उन्होंने खिड़की-दरवाजों की मरम्मत और पूरे परिसर में रंग-रोगन कराने के आदेश दिए। रिकॉर्ड प्रबंधन पर जोर देते हुए कलक्टर ने भू-अभिलेख और रिकॉर्ड रूम में दीमक से बचाव के लिए एंटी-टर्माइट दवाओं के छिड़काव और अनुपयोगी सामान के तुरंत निस्तारण की बात कही। हालांकि, कोषाधिकारी कार्यालय के स्ट्रांग रूम की स्वच्छता और वहां के अपडेटेड रिकॉर्ड को देखकर उन्होंने संतोष भी जताया।
भविष्य में ऐसी अव्यवस्था दोबारा न पनपे, इसके लिए जिला कलक्टर ने अतिरिक्त जिला कलक्टर अनुराग भार्गव को जिम्मेदारी सौंपी है कि वे हर माह मिनी सचिवालय का अनिवार्य रूप से निरीक्षण करें। अजय सिंह राठौड़ ने दो टूक शब्दों में कहा कि स्वच्छता और सुव्यवस्थित रिकॉर्ड प्रशासन की बुनियादी जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस औचक कार्रवाई ने न केवल सचिवालय की व्यवस्थाओं को आईना दिखाया है, बल्कि जिले के अन्य सरकारी विभागों को भी स्पष्ट संदेश दिया है कि जवाबदेही और अनुशासन से कोई समझौता नहीं होगा।

Pratahkal Bureau
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