14 गौरक्षकों को सुनाई गई उम्रकैद की सजा पर पुनर्विचार की मांग, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
झालावाड़ में गौभक्तों और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों ने नर्मदापुरम मामले में उम्रकैद की सजा पाए 14 गौरक्षकों के समर्थन में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। मामले में पुनर्विचार और कानूनी सहायता की मांग ने चर्चा तेज कर दी है।

झालावाड़ में मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम की घटना में 14 गौरक्षकों को मिली उम्रकैद की सजा के विरोध में जिला कलेक्टर को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारी।
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में वर्ष 2022 में हुई एक चर्चित घटना में 14 गौरक्षकों को सुनाई गई उम्रकैद की सजा के विरोध में झालावाड़ में गौभक्तों, गौसेवकों और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों ने आवाज बुलंद की है। इस संबंध में कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले में पुनर्विचार करने तथा दोषसिद्ध गौरक्षकों को कानूनी और सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 3 अगस्त 2022 की रात मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा क्षेत्र में गौरक्षकों और गौ तस्करों के बीच एक घटना हुई थी। इसी मामले में जिला न्यायालय द्वारा 14 गौसेवकों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इस निर्णय के बाद विभिन्न गौसेवी संगठनों और हिंदूवादी कार्यकर्ताओं ने मामले पर पुनर्विचार की आवश्यकता जताई है।
बजरंग दल के जिला संयोजक सचिन कश्यप ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां न्यायिक व्यवस्था का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि अनेक गौसेवक गौ संरक्षण के कार्यों में सक्रिय रहते हैं और ऐसे मामलों में उन्हें कठोर दंड दिए जाने से गौसेवा से जुड़े लोगों के बीच निराशा का माहौल बन सकता है। उन्होंने मांग की कि संबंधित मामले में दोषसिद्ध गौसेवकों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं तथा उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
गौ रक्षा कमांडो फोर्स के प्रतिनिधि मुखविंदर सिंह ने भी मामले में सरकार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि दोषसिद्ध गौसेवकों को राहत देने पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से संबंधित व्यक्तियों की रिहाई के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया।
इस दौरान बजरंग दल, गौ रक्षा कमांडो फोर्स, गौरी गोपाल गौशाला, हल्दीघाटी गौशाला, रूद्र सेना, राष्ट्रीय बजरंग दल सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गौभक्त मौजूद रहे। ज्ञापन के माध्यम से संगठनों ने सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करते हुए मामले में पुनर्विचार की मांग दोहराई।

Suresh Momiya, Jhalawar
नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय
परिचय
सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- दैनिक बढ़ता राजस्थान
- दैनिक कोटा ब्यूरो
- दैनिक दो गज दूरी
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
