झालावाड़: राजस्थान में साइबर ठग लगातार नई तकनीकों के सहारे लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। इसी कड़ी में झालावाड़ जिले के कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ का नाम अब साइबर अपराधियों की निशान पर आ गया है। हाल ही में एक अज्ञात शख्स ने कलेक्टर का फोटो उपयोग कर फेक वर्चुअल व्हाट्सऐप प्रोफाइल बनाई और परिचितों को मैसेज करना शुरू कर दिया। जब लोगों ने कलेक्टर से इसकी पुष्टि की, तो मामला सार्वजनिक हुआ और ठगी की कोशिश का पर्दाफाश हुआ।

जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने उनके फोटो का दुरुपयोग कर व्हाट्सऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाई। इस प्रोफाइल से उनके परिचितों और दोस्तों को संदेश भेजे गए। कलेक्टर ने यह भी बताया कि इस फेक आईडी के लिए +84829149766 वियतनाम का नंबर इस्तेमाल किया गया था। साइबर एक्सपर्ट अब मामले की तहकीकात में जुटे हुए हैं।

साइबर पुलिस के विशेषज्ञ कैलाश ने बताया कि हाल के समय में साइबर ठग लोगों को विभिन्न डिजिटल तरीकों से शिकार बना रहे हैं। उन्होंने चेताया कि मोबाइल में भेजी गई किसी भी एपीके फाइल को डाउनलोड करने से बचना चाहिए, क्योंकि इसके माध्यम से मलवेयर इंस्टॉल होकर आपके व्हाट्सऐप और संवेदनशील डेटा तक पहुँच सकता है। फेक वर्चुअल आईडी बनाने में आमतौर पर केवल फोटो और संपर्क नंबर का उपयोग किया जाता है।

साइबर सुरक्षा के लिहाज से कैलाश ने सुझाव दिया कि व्हाट्सऐप पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन सक्षम किया जाए। इससे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा अकाउंट हैक करने या फर्जी प्रोफाइल बनाने पर तत्काल अलर्ट मिल जाएगा और मोबाइल, मैसेज व जीमेल सुरक्षित रहेंगे।

यह मामला साफ तौर पर दर्शाता है कि प्रशासनिक अधिकारियों समेत आम नागरिकों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। साइबर ठगों की बढ़ती चालाकी से निपटने के लिए जागरूकता और तकनीकी सुरक्षा दोनों आवश्यक हैं।

Pratahkal Bureau

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