बकानी में फसल बीमा और मुआवजे की मांग पर किसानों का धरना तीसरे दिन भी जारी, आंदोलन तेज
बकानी में फसल बीमा योजना और मुआवजे की राशि नहीं मिलने से किसानों का धरना तीसरे दिन भी जारी है। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।

तस्वीर में झालावाड़ जिले की बकानी तहसील मुख्यालय के सामने टेंट के नीचे दरी पर बैठे हुए अनेक किसान दिखाई दे रहे हैं, जहां एक वक्ता माइक पर संबोधित कर रहा है और पृष्ठभूमि में भारतीय किसान संघ का बैनर लगा है।
झालावाड़ जिले की बकानी तहसील में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की स्वीकृत राशि और आपदा प्रबंधन राहत कोष से घोषित मुआवजे के भुगतान की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन महापड़ाव और धरना-प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। भारतीय किसान संघ, तहसील बकानी के बैनर तले 13 जुलाई से शुरू हुआ यह आंदोलन तहसील अध्यक्ष रामबाबू पाटीदार के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय के सामने लगातार चल रहा है।
भारतीय किसान संघ के अनुसार वर्ष 2025 में सोयाबीन की फसल खराब होने के बाद सरकार ने स्वयं फसल नुकसान को स्वीकार किया था। इसके बाद झालावाड़ जिले के किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग 260 करोड़ रुपये तथा बकानी तहसील के किसानों के लिए 27 करोड़ रुपये स्वीकृत होने संबंधी पत्र जारी हुआ। इसके बावजूद एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने पर भी बकानी तहसील के किसानों को न तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि मिली और न ही आपदा प्रबंधन राहत कोष से घोषित मुआवजा प्राप्त हुआ।
इसी के विरोध में किसान दिन-रात तहसील परिसर के बाहर ही डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारी किसान वहीं भोजन बनाकर रात्रि विश्राम भी कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि स्वीकृत राशि होने के बावजूद उन्हें अपने हक के लिए सड़क पर बैठना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि यह अन्नदाता का दुर्भाग्य है और राज्य व केंद्र सरकार का किसानों के प्रति उदासीन रवैया स्पष्ट दिखाई देता है।
भारतीय किसान संघ का कहना है कि लंबे समय से ज्ञापनों और विभिन्न माध्यमों से शासन-प्रशासन को बार-बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। धरने का तीसरा दिन बीत जाने के बावजूद कोई सक्षम अधिकारी किसानों के बीच नहीं पहुंचा और न ही उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई पहल की गई, जिससे किसानों में निराशा और आक्रोश लगातार बढ़ रहा है।
संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की स्वीकृत राशि और आपदा प्रबंधन राहत कोष का मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते शासन और प्रशासन ने किसानों की मांगों का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक तथा उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
धरना-प्रदर्शन में भारतीय किसान संघ के प्रांत पशुपालन एवं डेयरी प्रमुख किशन पाटीदार, कोटा संभाग कार्यालय मंत्री मनोहर लाल दांगी, कोटा संभाग सहमंत्री मुकेश मेहर, जिला उपाध्यक्ष रामचंद्र पाटीदार, जिला सह मंत्री मनोहर सिंह चौहान, जिला गो-सेवा प्रमुख बालू सिंह चौहान, जिला प्रचार प्रमुख महेश मेहर, रायपुर तहसील अध्यक्ष रामगोपाल पाटीदार, बकानी तहसील मंत्री नानूराम लोधा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया।

Pratahkal Bureau
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