भवानीमंडी (झालावाड़)। राजस्थान के झालावाड़ जिले में पुलिस ने नशे के काले कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम दिया है। भवानीमंडी और मिश्रओली थाना पुलिस की संयुक्त टीमों ने एक गुप्त सूचना के आधार पर आमलिया खेड़ा गांव में दबिश देकर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के ड्रग्स निर्माण कारखाने का भंडाफोड़ किया है। तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए पशुओं के बाड़े की आड़ में एमडीएम (MDM) पाउडर बनाने का अवैध गोरखधंधा फैला रखा था। मौके से पुलिस ने लगभग दो किलो निर्मित एमडीएम और भारी मात्रा में रसायनों सहित करीब 25 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स और उपकरण बरामद किए हैं। इस बड़ी कामयाबी ने मादक पदार्थ तस्करों के नेटवर्क को हिला कर रख दिया है।

जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मिली इस सफलता ने पुलिस की सतर्कता को साबित किया है। घटनाक्रम के अनुसार, भवानीमंडी थानाधिकारी प्रमोद कुमार को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि आमलिया खेड़ा के एक सुनसान इलाके में मादक पदार्थों का निर्माण किया जा रहा है। इस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचन्द मीणा और वृताधिकारी प्रेम कुमार के निकटतम सुपरविजन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। जब पुलिस ने गोपाल सिंह की टापरी पर छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। वहां पशुओं के चारे और बाड़े के बीच आधुनिक उपकरणों और रसायनों की मदद से घातक एमडीएम तैयार की जा रही थी।

पुलिस ने मौके से 545 ग्राम शुद्ध एमडीएम, 710 ग्राम तरल मादक पदार्थ, और 580 ग्राम नमीयुक्त एमडीएमए बरामद किया। इसके अलावा, भारी मात्रा में रसायनों से भरे ड्रम और बोतलें जब्त की गईं, जिनमें 10 किलो 920 ग्राम, 33 किलो 190 ग्राम और 15 किलो 330 ग्राम क्षमता वाले विभिन्न प्लास्टिक ड्रम शामिल थे। कारखाने से 24 किलो यूरिया, संदिग्ध सफेद पाउडर, गैस भट्टियां, इलेक्ट्रॉनिक कांटे, एयर ड्राई मशीन और निर्माण में प्रयुक्त होने वाले अन्य बर्तन भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने तस्करों द्वारा परिवहन में उपयोग की जाने वाली एक कार और एक बजाज पल्सर मोटरसाइकिल को भी अपने कब्जे में ले लिया है।

इस पूरे अवैध कारोबार के मास्टरमाइंड गोपाल सिंह, नरेंद्र सिंह और दिनेश सिंह पुलिस की भनक लगते ही मौके से फरार होने में कामयाब रहे। इन तीनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी काफी चौंकाने वाला है। गोपाल सिंह पर पहले से ही राजकार्य में बाधा और मारपीट के मामले दर्ज हैं, वहीं दिनेश सिंह हत्या के प्रयास (धारा 302/307) जैसे गंभीर मुकदमों में संलिप्त रहा है। पुलिस अधीक्षक ने इन तीनों फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है और इनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

इस साहसिक कार्यवाही में भवानीमंडी थानाधिकारी प्रमोद कुमार, मिश्रओली थानाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीमों ने मुख्य भूमिका निभाई। टीम में भवानीमंडी थाने से कॉन्स्टेबल रवि दुबे, तेजेन्द्र सिंह, सुखदेव, महेश कुमार, और वृत्त कार्यालय से अनिल कुमार शामिल रहे। वहीं मिश्रओली थाने से उपनिरीक्षक भगवान लाल, हेड कॉन्स्टेबल राजेश कुमार, कॉन्स्टेबल विकास कुमार, मुकेश कुमार, हंसराज, शिम्भुदयाल, रामनिवास और महिला कॉन्स्टेबल संजू, अंजू, पिंकी व चुरामन सिंह ने सक्रिय योगदान दिया। झालावाड़ पुलिस की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में नशे के सौदागरों के लिए कोई जगह नहीं है और जल्द ही फरार आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

Suresh Momiya, Jhalawar

Suresh Momiya, Jhalawar

नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)

वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय


परिचय

सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:

  • दैनिक बढ़ता राजस्थान
  • दैनिक कोटा ब्यूरो
  • दैनिक दो गज दूरी

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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