6 महीने से खुदी पड़ी सड़कें, अधूरे नल कनेक्शन: उमरिया में जल जीवन मिशन बना ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण
झालावाड़ के उमरिया गांव में जल जीवन मिशन के तहत छह माह पहले खोदी गई सड़कें अब तक नहीं बनीं। अधूरी पाइपलाइन, जगह-जगह लीकेज और बढ़ती परेशानियों के बीच ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

झालावाड़ जिले की इकलेरा पंचायत समिति के उमरिया गांव में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गई मुख्य गली की सड़क, जो पिछले छह महीनों से मरम्मत के अभाव में क्षतिग्रस्त पड़ी है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर जल’ योजना के तहत संचालित जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन झालावाड़ जिले की इकलेरा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत उमरिया में यह योजना ग्रामीणों के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बनती दिखाई दे रही है। यहां जलापूर्ति व्यवस्था के लिए सड़कें तो खोद दी गईं, लेकिन छह माह बीत जाने के बाद भी न तो सड़कों की मरम्मत हो सकी है और न ही घरों तक नियमित जलापूर्ति पहुंच पाई है।
जानकारी के अनुसार, गुडविल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा दिसंबर 2025 में गांव उमरिया में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए सीसी एवं इंटरलॉकिंग ब्लॉक सड़कों की खुदाई की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्य शुरू होने के बाद से अब तक न तो सड़कें पूर्व स्थिति में बहाल की गई हैं और न ही पाइपलाइन कार्य पूरी तरह संपन्न हुआ है। इसके चलते गांव की गलियों में बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जिनसे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को प्रतिदिन जोखिम भरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। जगह-जगह बने गड्ढों और कीचड़ के कारण दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है तथा आए दिन लोग फिसलकर चोटिल होने की घटनाओं का सामना कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन डाली गई है, वहां भी कई स्थानों पर लीकेज की समस्या बनी हुई है। परिणामस्वरूप पानी घरों तक पहुंचने के बजाय सड़कों और गलियों में बह रहा है, जिससे कीचड़ और असुविधा की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उनका कहना है कि कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है और निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं।
ग्रामीणों का दावा है कि ग्राम पंचायत की ओर से कई बार प्रशासन को शिकायतें भेजी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी मुद्दे को लेकर प्रशासक अनार सिंह गुर्जर के नेतृत्व में रोशन सिंह, संतराम, देवसिंह, जुझार सिंह, निलेश, जगदीश, तूफान सिंह, बालसिंह, कैलाश चंद, सुजान सिंह, राजेंद्र सोनी, विष्णु प्रसाद सहित अनेक ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराया और शीघ्र समाधान की मांग की।
मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आगामी 15 दिनों के भीतर सभी खोदी गई सड़कों की सीसी एवं इंटरलॉकिंग निर्माण के माध्यम से मरम्मत कराई जाए, प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन चालू किया जाए तथा कार्य की गुणवत्ता की थर्ड पार्टी से जांच कराई जाए। इसके साथ ही लीकेज वाली पाइपलाइनों को कंपनी के खर्च पर बदला जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं संबंधित कंपनी के खिलाफ पेनल्टी तथा ब्लैकलिस्ट करने जैसी कार्रवाई की जाए।
इस पूरे घटनाक्रम ने कई महत्वपूर्ण सवाल भी खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण पूछ रहे हैं कि दिसंबर 2025 में खोदी गई सड़कों की मरम्मत की जिम्मेदारी आखिर किसकी है, कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बावजूद भुगतान किस आधार पर किया जा रहा है और जल जीवन मिशन की निगरानी करने वाले अधिकारी जमीनी स्तर पर स्थिति का आकलन क्यों नहीं कर रहे हैं।
‘हर घर जल’ के संकल्प के साथ शुरू की गई योजना के बीच उमरिया गांव में अधूरे कार्य, क्षतिग्रस्त सड़कें और पाइपलाइन लीकेज ग्रामीणों की चिंता का विषय बने हुए हैं। अब निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या ग्रामीणों की मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा या यह मामला भी लंबे समय तक फाइलों में ही सीमित रह जाएगा।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
