सुनेल, 25 जनवरी: सुनेल कस्बे में परोपकार की अनूठी मिसाल पेश की गई जब व्यापार महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और समाजसेवी चंद्रप्रकाश चोपड़ा के निधन के बाद उनके परिवार ने उनकी आँखों का दान करने का निर्णय लिया। शाइन इंडिया फाउंडेशन की टीम ने देर रात सुनेल पहुँचकर नेत्रदान प्रक्रिया पूरी की, जिससे क्षेत्र में मानवता और परोपकार की भावना को नया आयाम मिला।

सूत्रों के अनुसार, शनिवार को हृदयाघात से निधन होने के पश्चात परिवार के सदस्यों ने नेत्रदान के लिए सहज सहमति प्रदान की। जानकारी मिलने पर शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ. कुलवंत गौड़ और कमलेश गुप्ता दलाल ने रात्रि 11 बजे सुनेल पहुंचकर कॉर्निया प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि इस दौरान डॉ. गौड़ तेज बुखार और ठंड के बावजूद 130 किलोमीटर की दूरी तय कर सहायता के लिए पहुंचे।

भारत विकास परिषद के प्रांतीय नेत्रदान सह प्रभारी दिनेश गुप्ता ने बताया कि परिवार में पहले चंद्रप्रकाश चोपड़ा की धर्मपत्नी सुशीला देवी का भी नेत्रदान हो चुका है। इस तरह, यह क्षेत्र का तीसरा नेत्रदान और पति-पत्नी के रूप में पहला नेत्रदान उदाहरण बन गया।

नेत्रदान प्रक्रिया में अशोक गुप्ता, दिनेश गुप्ता, संजय फोफलिया, देवीलाल सोनी, चैन सिंह गुर्जर और तेज कुमार गुर्जर सहित कई स्थानीय लोगों ने सहयोग किया। प्रक्रिया पूर्ण होने पर परिवार को शाइन इंडिया फाउंडेशन की ओर से प्रशस्ति-पत्र और नेत्रदान गौरव पट्टिका प्रदान की गई।

नेत्रदानी चंद्रप्रकाश चोपड़ा के पुत्र महेश और अंशुल, एवं भाई कैलाशचंद्र चोपड़ा ने कहा कि नेत्रदान ने उनके पिता की नेत्र-ज्योति को अमर बना दिया। यह पहल न केवल सुनेल क्षेत्र में नेत्रदान की परंपरा को मजबूत करती है, बल्कि समाज में मानवता और दानशीलता की भावना को भी बढ़ावा देती है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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