पोते के निर्णय से अमर हुई दादी मां की नजर, परिवार की सहमति से घाटोली में हुआ पहला नेत्रदान
ग्राम घाटोली की कृष्णा गौतम का निधन होने के बाद उनके पोते भुवनेश और विशेष गौतम ने नेत्रदान कर पहली बार गांव में इस नेक पहल को अंजाम दिया। शाइन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से संपन्न यह कदम परिवार के लिए श्रद्धांजलि और समुदाय के लिए प्रेरणा बन गया।

कोटा के निजी अस्पताल में शुक्रवार देर रात अचानक निधन होने के बाद ग्राम घाटोली, तहसील अकलेरा निवासी कृष्णा गौतम का निधन उनके परिवार और समुदाय के लिए गहरा आघात बन गया। दादी मां के प्रति गहरा लगाव रखने वाले उनके दोनों पोते भुवनेश और विशेष गौतम ने इस दुःख को सकारात्मक कार्य में बदलते हुए उनकी आखों का नेत्रदान करने का निर्णय लिया।
भुवनेश और विशेष ने अपने माता-पिता राकेश और ललिता गौतम की सहमति से यह नेक पहल की। उन्होंने कहा कि “दादी मां के नेत्रदान से यह उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी और हमारी दादी मां दूसरों की आंखों में जीवित रहेंगी।”
इस नेक निर्णय के बाद, पोते विशेष ने शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ. कुलवंत गौड़ से संपर्क कर नेत्रदान की प्रक्रिया को संपन्न करवाया। कृष्णा गौतम धर्म और कर्म में आस्था रखने वाली थीं और उन्होंने हमेशा यह विश्वास किया कि व्यक्ति अपने कर्मों से महान बनता है। उनके विचारों के अनुरूप ही यह अंतिम कार्य उनके जीवन की पुण्य यात्रा को आगे बढ़ाने वाला कदम बना।
शाइन इंडिया फाउंडेशन के अकलेरा शहर संयोजक मंगलेश जैन ने परिवार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि “मृत्यु के समय दिवंगत के नेत्रदान से परिवार का शोक कम होता है और दिवंगत की पुण्य आत्मा को मोक्ष प्राप्त करने में भी मदद मिलती है।” यह ग्राम घाटोली का पहला नेत्रदान है, जिसने स्थानीय समुदाय में मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का एक नया उदाहरण पेश किया है।
इस घटना ने यह संदेश भी दिया है कि नेत्रदान न केवल एक दानी कार्य है, बल्कि यह जीवन को नए दृष्टिकोण और रोशनी देने का माध्यम बन सकता है। ऐसे कदम समाज में जागरूकता बढ़ाने और मानवता के सर्वोच्च मूल्य को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Suresh Momiya, Jhalawar
नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय
परिचय
सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- दैनिक बढ़ता राजस्थान
- दैनिक कोटा ब्यूरो
- दैनिक दो गज दूरी
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
