कुल की रस्म के साथ सम्पन्न हुआ गागरोन शरीफ के मिठ्ठे महावली सरकार का 731वां तीन दिवसीय उर्स
झालावाड़ के गागरोन शरीफ में मिठ्ठे महावली सरकार का 731वां तीन दिवसीय उर्स कुल की रस्म के साथ सम्पन्न हुआ। देशभर से पहुंचे लाखों जायरीन, सूफियाना कव्वालियां और रूहानी माहौल ने आयोजन को यादगार बना दिया।

झालावाड़ के गागरोन किले में स्थित हजरत ख्वाजा हमीदुद्दीन चिश्ती (मिठ्ठे महावली सरकार) की दरगाह, जहां तीन दिवसीय 731वें उर्स के समापन पर विशेष लाइटिंग की गई और जायरीनों की भीड़ उमड़ी।
सूफी परंपरा, आध्यात्मिक आस्था और कव्वाली की रूहानी फिजाओं के बीच हजरत ख्वाजा हमीदुद्दीन चिश्ती रहमतुल्ला अलैह, मिठ्ठे महावली सरकार गागरोन शरीफ का 731वां तीन दिवसीय उर्स कुल की रस्म के साथ सम्पन्न हो गया। उर्स के अंतिम दिन आयोजित महफिले समां में देशभर से पहुंचे लाखों जायरीनों ने शिरकत की और प्रसिद्ध कव्वालों के कलामों पर पूरी रात रूहानी माहौल में डूबे रहे।
उर्स के तीसरे दिन नमाज-ए-ईशा के बाद गागरोन शरीफ दरगाह परिसर में महफिले समां का आयोजन हुआ। इस दौरान उत्तर प्रदेश से आए सुप्रसिद्ध कव्वाल शब्बू शादाब साबरी ने अपने मशहूर कलामों की प्रस्तुति देकर महफिल को भावविभोर कर दिया। उनके बाद देश के जाने-माने कव्वाल दानिश मोहनीश साबरी ने अपने सूफियाना कलामों से श्रद्धालुओं की भरपूर दाद बटोरी। जलालाबाद (उत्तर प्रदेश) से आए सरफराज अनवर साबरी ने भी अपनी प्रस्तुति से महफिल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, जबकि शाहीन साबरी रामपुर ने अपने विशेष कलामों के माध्यम से जायरीनों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
महफिल में उत्तर प्रदेश के राजा सरफराज, रमजान हकीमी, इस्माइल रंगीला जयपुर, गुलाम दानिश कैथून, यासीन हमराज कपासन, इकरामुद्दीन अंसारी सरवाड़ तथा बशीर चिराग कैथून सहित देशभर के कई प्रतिष्ठित फनकारों ने अपने कलाम पेश किए। उनके सूफियाना अंदाज ने महफिल में मौजूद सूफी हजरात, मलंगों और जायरीनों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
महफिले समां का संचालन गागरोन शहर काजी फारूक अली गगरोनी एवं शायर जाकिर खान जाकिर ने किया। इसके पश्चात फजर की नमाज के समय कुल की रस्म अदा की गई। कुल के दौरान सरफराज अनवर साबरी और रमजान हकीमी गागरोनी ने विशेष कलाम प्रस्तुत किए। "आओ री सखी मेरे महबूब के घर आज रंग है मिठ्ठे महावली..." की प्रस्तुति के साथ पूरा दरगाह परिसर रूहानी रंग में रंग गया और उपस्थित जायरीन, सूफी हजरात एवं कलंदरों ने उत्साहपूर्वक धमाल में हिस्सा लिया।
कुल की रस्म के दौरान गुलाब जल के छींटों के साथ धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न हुआ और पूरा परिसर "या अली" तथा "या हुसैन" के नारों से गूंज उठा। इसके बाद दरगाह के दीवान सैय्यद इमरान अली ने मिठ्ठे महावली सरकार का शिजरा पढ़ा तथा फातेहा ख्वानी की रस्म अदा की। उर्स के समापन अवसर पर कमेटी द्वारा तैयार की गई सवामन तबर्रुख की देग जायरीनों में वितरित की गई, जिसे प्राप्त करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े।
उर्स के सफल आयोजन पर दरगाह वक्फ कमेटी के सदर अरबाज इम्तियाज खान तथा दरगाह इंतजामिया कमेटी के सदर रहीम खान ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, विद्युत विभाग, विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, ड्यूटी पर तैनात पुलिस जवानों, देशभर से आए सूफी और कलंदर हजरात, निःशुल्क लंगर संचालकों, पत्रकारों, वालंटियर्स तथा सभी जायरीनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और समर्पण से तीन दिवसीय उर्स का आयोजन शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
मीडिया कमेटी के सदर अहफाज अली ने बताया कि उर्स के दौरान बड़ी संख्या में देशभर से श्रद्धालु गागरोन शरीफ पहुंचे और मिठ्ठे महावली सरकार के दरबार में हाजिरी देकर अमन, भाईचारे और इंसानियत की दुआ मांगी। 731 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी लोगों की आस्था और सूफी संस्कृति की जीवंत पहचान बनी हुई है।

Suresh Momiya, Jhalawar
नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय
परिचय
सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- दैनिक बढ़ता राजस्थान
- दैनिक कोटा ब्यूरो
- दैनिक दो गज दूरी
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
