कांग्रेस पार्षदों ने कराया 7 परियोजनाओं का भौतिक सत्यापन, खुलासा हुआ करोड़ों का भ्रष्टाचार
झालरापाटन नगरपालिका में कांग्रेस पार्षदों द्वारा सात परियोजनाओं का भौतिक सत्यापन कर बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ। नोटिस बोर्ड, बाईपास नाला, स्वागत द्वार और अन्य निर्माण कार्यों में करोड़ों रुपये की अनियमितताओं का पर्दाफाश। जनता में रोष और निष्पक्ष जांच की मांग।

झालरापाटन। नगरपालिका में कांग्रेस पार्षदों द्वारा सात प्रमुख परियोजनाओं के भौतिक सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और घोटाले का खुलासा हुआ। इस सत्यापन में शहर के स्वागत द्वार, गिन्दौर डिवाइडर, महाराणा प्रताप सर्किल, बाईपास नाला एवं फुटपाथ, नोटिस बोर्ड, हरिशचंद कालोनी सीसी रोड और कमल तलाई की दीवार शामिल रही।
भौतिक सत्यापन के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि अधिकारी दस्तावेजों के बिना केवल मौखिक जानकारी के आधार पर सत्यापन कर रहे थे, जो उनके भ्रष्टाचार की पुष्टि करने जैसा है। पार्षद अशोक पुष्पद ने बताया कि नोटिस बोर्ड के लिए 13 लाख रुपए की लागत बताई गई, जबकि वास्तव में बस स्टैंड पर केवल फ्लेक्स लगाए गए थे, जिसकी वास्तविक कीमत पांच हजार रुपए से अधिक नहीं है।
पार्षद गीता कुमारी ने बाईपास नाला निर्माण में गुणवत्ता दोष और नियम विरुद्ध व्यय का खुलासा करते हुए कहा कि छह अलग-अलग टेंडर निकालकर 1.50 करोड़ रुपए का व्यय किया गया। वहीं, पार्षद मंगल गुर्जर ने महाराणा प्रताप चौराहे पर तोड़-फोड़ और उसके भुगतान को नियम विरुद्ध बताया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता रुपसिंह राठौड़ ने स्वागत द्वार के गलत स्थान और अधिक लागत की ओर ध्यान दिलाया। अधिकारियों द्वारा स्वागत द्वार और गिन्दौर डिवाइडर की लागत क्रमशः 40 लाख और 25 लाख रुपए बताई गई, जबकि डिवाइडर निर्माण पिछले सार्वजनिक निर्माण विभाग के निर्माण को तोड़कर घटिया बनाया गया।
नगरपालिका में किए गए सत्यापन के दौरान बस स्टैंड पर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जमकर रोष प्रकट किया। कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि प्रशासन उन्हीं लोगों से भौतिक सत्यापन करवा रहा है जो कथित भ्रष्टाचार में शामिल हैं, जबकि निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच टीम का गठन होना चाहिए था।
इस मामले में पार्षद नदीम मंसूरी ने कहा कि सभी कार्यों की वास्तविक स्थिति और अनियमितताओं को जल्द ही जनता के सामने रखा जाएगा। वर्तमान स्थिति में मामला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जांच का विषय होना चाहिए, क्योंकि चेयरमैन, अधिशासी अधिकारी और एईएन की मिलीभगत से राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा है।

Suresh Momiya, Jhalawar
नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय
परिचय
सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- दैनिक बढ़ता राजस्थान
- दैनिक कोटा ब्यूरो
- दैनिक दो गज दूरी
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
