चौमहला। झालावाड़-बारां सांसद दुष्यंत सिंह की जन संवाद पदयात्रा के दूसरे दिन शुक्रवार को राजनीति का एक अनूठा और आत्मीय रंग देखने को मिला। चिलचिलाती धूप और धूल के गुबार को मात देते हुए सांसद सिंह ने दुर्गम रास्तों और काली सिंध नदी के पाट को पार कर ग्रामीणों के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। 18 किलोमीटर के इस चुनौतीपूर्ण सफर में केवल पैदल चलना ही मकसद नहीं था, बल्कि ग्रामीणों के अभाव-अभियोग सुनना और किसानों के साथ खेत की मेढ़ पर बैठकर उनके भविष्य की रूपरेखा तैयार करना इस यात्रा का मुख्य केंद्र रहा। हंसी-मजाक, शरारत और गंभीर चर्चाओं के बीच गुजरी इस यात्रा ने क्षेत्र के राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को एक नई ऊर्जा प्रदान की है।

यात्रा का आगाज मगसी गांव में रात्रि विश्राम के बाद सुबह 10 बजे सामूहिक हनुमान चालीसा के पाठ के साथ हुआ। आध्यात्मिक ऊर्जा से लबरेज कार्यकर्ताओं का काफिला जब कच्चा रास्ता पार करते हुए काली सिंध नदी के पाट से गुजरा, तो नजारा देखने लायक था। इसी दौरान रास्ते में एक ट्यूबवैल को देखकर सांसद सिंह खुद को रोक नहीं पाए; उन्होंने न केवल अपनी अंजुली में पानी भरकर चेहरा धोया, बल्कि चिर-परिचित अंदाज में कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार कर माहौल को खुशनुमा बना दिया। पदयात्रा मगसी से शुरू होकर सरवर, करवर, कछनारा, चोर बर्डी, सेकला और ढाबला होते हुए सुनारी पहुंची, जहां जगह-जगह भव्य जनसभाओं का आयोजन किया गया।

संवाद के दौरान सांसद का पूरा ध्यान ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती पर रहा। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ खेतों की मेढ़ पर बांस के पेड़ लगाएं, जिससे वे अगरबत्ती उद्योग जैसे बड़े बाजार से जुड़ सकें। पशुपालन पर चर्चा करते हुए उन्होंने एआई (कृत्रिम गर्भाधान) तकनीक के जरिए दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया। इसी बीच एक पशुपालक के बाड़े में पहुंचकर उन्होंने चुटकी लेते हुए पूछा कि 'दूध में पानी कितना मिलाते हो?', जिस पर पूरा माहौल ठहाकों से गूंज उठा। हास-परिहास के इन पलों के बीच उन्होंने गंभीर रुख अपनाते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों को ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित और विभागवार समाधान के कड़े निर्देश भी दिए।

इस ऐतिहासिक पदयात्रा में क्षेत्र के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा रहा। सांसद के साथ मनोहर थाना विधायक गोविन्द रानीपुरिया, आरपीएससी के पूर्व अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा, पूर्व मंत्री मानसिंह चौहान, पूर्व विधायक नरेंद्र नागर, भाजपा जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा, महामंत्री कृष्णा मंडलोई, पंचायत राज प्रकोष्ठ संयोजक विमल जैन, जिला मीडिया संयोजक रंजीता पांडे, जिला प्रभारी जगत नारायण जोशी, सह प्रभारी सागर सोनी, पूर्व जिलाध्यक्ष संजय ताऊ, मंडल अध्यक्ष हेमराज सिंह व अशोक गायरी, अरविंद अग्रवाल, आदित्य कटारिया, गौतम जैन और रतन राठौर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और स्थानीय कार्यकर्ता कदम से कदम मिलाकर चले। शनिवार को यह यात्रा सुनारी से पुनः शुरू होकर पुआर खेड़ी, गंगधार, मल्हारगंज और बिलावली होते हुए रापाखेड़ी में विश्राम करेगी। यह पदयात्रा केवल एक संपर्क अभियान नहीं, बल्कि धरातल पर जनता के विश्वास को पुनः सुदृढ़ करने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी है।

Suresh Momiya, Jhalawar

Suresh Momiya, Jhalawar

नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)

वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय


परिचय

सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:

  • दैनिक बढ़ता राजस्थान
  • दैनिक कोटा ब्यूरो
  • दैनिक दो गज दूरी

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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