भाजपा के गढ़ में बढ़ती अंदरूनी चुनौती, सियासत में उठे ‘सुपारी’ वाले सवाल
भाजपा के गढ़ में बढ़ती नाराजगी और अंदरूनी सियासी खींचतान पर उठे सवाल, जानिए क्यों चर्चा में आया भरोसे और नेतृत्व का मुद्दा।

भाजपा के गढ़ को चुनौती देने की चर्चा अब सियासी गलियारों में तेज हो गई है। विपक्ष से ज्यादा चर्चा उन अंदरूनी चेहरों की हो रही है, जिन्हें सियासत के शतरंज में अपने ही मोहरे के रूप में देखा जा रहा है। सवाल उठ रहा है कि आखिर भाजपा के मजबूत किले की दीवारों में दरार कहां से पड़ रही है और भरोसा किस वजह से कमजोर हो रहा है।
सियासी माहौल में यह यक्ष सवाल बना हुआ है कि “कहां थे हम, कहां आ गए हम?” क्योंकि भरोसा ही अब धोखे का कारण बनता दिखाई दे रहा है। किले की दीवारों में दरार अक्सर बाहर से नहीं बल्कि अंदर से पड़ती है। जनता जनार्दन में पहले से मौजूद खौफ अब और बढ़ने की चर्चा है।
भाजपा का गढ़ कहा जाने वाला क्षेत्र और उस गढ़ को भेदना आसान नहीं माना जाता, लेकिन आरोप है कि साहब ने परिस्थितियों को इतना आसान बना दिया है कि कुर्सी डगमगाने लगी है। जनता की नाराजगी सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती जा रही है, वहीं साहब की तिजोरी लंकेश की तरह सोने का ढेर लगा रही है।
सियासी चर्चाओं में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या गलत फैसलों और गलत हाथों में बागडोर सौंपकर अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली गई है। जनता पर राठौड़ी चलेगी तो लोगों का गुस्सा पांच साल में एक बार जरूर सामने आता है। उस समय निशान भी बदल जाते हैं और चेहरे भी।
हर गली-मोहल्ले में अब यही चर्चा होने का दावा किया जा रहा है कि साहब “सुपारी” लेकर घूम रहे हैं और सियासतदानों की कमाई तथा दौलत यानी जनमत पर डाका पड़ रहा है। भाजपा के गढ़ में उठते इन सवालों ने सियासी समीकरणों और अंदरूनी खींचतान को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

Suresh Momiya, Jhalawar
नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय
परिचय
सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- दैनिक बढ़ता राजस्थान
- दैनिक कोटा ब्यूरो
- दैनिक दो गज दूरी
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
