झालावाड़ रोडवेज डिपो में बड़ा खेल: बिना जॉब चार्ट में नाम दर्ज हुए कर्मचारी उठा रहा वेतन, आरटीआई कार्यकर्ता ने खोली भ्रष्टाचार की पोल
झालावाड़ रोडवेज डिपो में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा! आरटीआई कार्यकर्ता दानिश सिद्दीकी ने तकनीकी कर्मचारी द्वारा बिना जॉब चार्ट में नाम के वेतन उठाने और फ्लाइंग की सूचनाएं लीक करने की शिकायत दर्ज कराई है। राजकीय धन के गबन और स्थानांतरण के बावजूद अवैध रूप से जमे कर्मचारी पर कार्रवाई की मांग। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

झालावाड़ रोडवेज डिपो में बड़ा खेल: बिना जॉब चार्ट में नाम दर्ज हुए कर्मचारी उठा रहा वेतन, आरटीआई कार्यकर्ता ने खोली भ्रष्टाचार की पोल
झालावाड़। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के झालावाड़ आगार में सरकारी धन की बंदरबांट और प्रशासनिक अराजकता का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत हुए खुलासे ने रोडवेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरटीआई एवं सामाजिक कार्यकर्ता दानिश सिद्दीकी ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को एक औपचारिक शिकायत भेजकर डिपो में व्याप्त गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और 'फ्लाइंग' की सूचनाएं लीक करने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस शिकायत के बाद विभाग के गलियारों में हड़कंप मच गया है।
दानिश सिद्दीकी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, झालावाड़ कार्यशाला में कार्यरत एक तकनीकी कर्मचारी का नाम विभाग के आधिकारिक 'जॉब चार्ट' यानी कार्य आवंटन सूची में दर्ज ही नहीं है। चौंकाने वाली बात यह है कि जॉब चार्ट में नाम न होने के बावजूद, डिपो प्रशासन की कथित मिलीभगत से उस कर्मचारी की नियमित उपस्थिति दर्ज की जा रही है और उसे सरकारी खजाने से प्रतिमाह वेतन का भुगतान किया जा रहा है। सिद्दीकी ने इसे सीधे तौर पर राजकीय धन का गबन और धोखाधड़ी करार दिया है। मामला केवल वेतन तक सीमित नहीं है; उक्त कर्मचारी का आधिकारिक स्थानांतरण काफी समय पहले श्रीगंगानगर आगार के लिए हो चुका है, लेकिन अपने रसूख और अनुचित प्रभाव का इस्तेमाल कर वह अवैध रूप से झालावाड़ में ही जमा हुआ है, जो निगम के प्रशासनिक अनुशासन की धज्जियां उड़ाने जैसा है।
शिकायत में एक और गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि यह कर्मचारी निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर निगम की अत्यंत गोपनीय 'फ्लाइंग' (निरीक्षण दल) की सूचनाएं अन्य बस चालकों और परिचालकों को समय से पहले ही लीक कर देता है। इस मुखबिरी के कारण निरीक्षण दल की छापेमारी निष्प्रभावी हो जाती है, जिससे राजस्थान रोडवेज को प्रतिदिन भारी राजस्व की हानि उठानी पड़ रही है। इसके अतिरिक्त, कार्यशाला में इस कर्मचारी के आचरण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि वह निर्धारित ड्यूटी करने के बजाय कार्यस्थल पर भीड़ जमा करता है और अन्य तकनीकी कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार कर राजकीय कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करता है।
भ्रष्टाचार के इस मकड़जाल को देखते हुए दानिश सिद्दीकी ने प्रबंध निदेशक से मांग की है कि झालावाड़ डिपो के रिकॉर्ड, जिसमें उपस्थिति पंजिका और जॉब चार्ट शामिल हैं, उन्हें मुख्यालय स्तर की सतर्कता टीम (Vigilance Team) द्वारा तुरंत जब्त किया जाए। उन्होंने "RSRTC कार्यपालन कर्मचारी सेवा नियम, 1965" के तहत दोषी कर्मचारी और उसे संरक्षण देने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने तथा अवैध रूप से प्राप्त किए गए वेतन की शत-प्रतिशत रिकवरी करने की भी पुरजोर मांग की है। अब देखना यह है कि रोडवेज मुख्यालय इस संगठित भ्रष्टाचार के खिलाफ क्या सख्त कदम उठाता है।

Suresh Momiya, Jhalawar
नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय
परिचय
सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- दैनिक बढ़ता राजस्थान
- दैनिक कोटा ब्यूरो
- दैनिक दो गज दूरी
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
