भारतीय किसान संघ की बैठक: फसलों के लाभकारी मूल्य और संगठन मजबूती पर जोर
पिड़ावा में आयोजित कोटा संभाग और झालावाड़ जिले की बैठक में ग्राम समितियों को सशक्त बनाने और लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया।

झालावाड़ के पिड़ावा स्थित पांच पछावा माताजी मंदिर में आयोजित बैठक के दौरान किसानों को संबोधित करते अखिल भारतीय सह-संगठन मंत्री गजेंद्र सिंह और अन्य पदाधिकारी।
पिड़ावा में कोटा संभाग व झालावाड़ जिला बैठक सम्पन्न, ग्राम समितियों को सशक्त बनाने व लाभकारी मूल्य की मांग पर जोर
पिड़ावा/झालावाड़, 12 जनवरी (गुरुवार)।
बैठक का आयोजन और उद्देश्य
भारतीय किसान संघ, कोटा संभाग एवं झालावाड़ जिले की महत्वपूर्ण बैठक पिड़ावा तहसील क्षेत्र के धार्मिक स्थल पांच पछावा माताजी मंदिर परिसर में आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई:
- संगठन विस्तार।
- ग्राम समितियों की मजबूती।
- किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाना।
लाभकारी मूल्य की मांग: अखिल भारतीय सह-संगठन मंत्री का संबोधन
बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय सह-संगठन मंत्री गजेंद्र सिंह ने कहा:
"वर्तमान में किसानों ने देश के भंडार भर दिए हैं, लेकिन उन्हें अपनी फसलों का लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। किसान वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से आधुनिक खेती कर अधिक उत्पादन कर देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, परंतु उचित मूल्य के अभाव में आर्थिक रूप से कमजोर होते जा रहे हैं।"
उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारतीय किसान संघ की मांग है कि किसानों को लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया जाए।
संगठन की मजबूती और ग्राम समितियां
प्रांत संगठन मंत्री परमानंद ने ग्राम समितियों की नियमित बैठक एवं सक्रियता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि:
"यदि गांव स्तर की समस्याओं का समाधान ग्राम समिति के माध्यम से होगा तो किसान अधिक संख्या में संगठन से जुड़ेंगे और संगठन और अधिक मजबूत होगा।"
बैठक में राजस्थान प्रदेश राजस्व प्रमुख शिवराज पुरी, प्रांत अध्यक्ष शंकरलाल नागर एवं संभाग अध्यक्ष गिरिराज चौधरी ने भी संगठन की रीति-नीति, कार्यपद्धति एवं किसान हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।
झालावाड़ जिले की स्थानीय समस्याएं
द्वितीय सत्र में झालावाड़ जिला अध्यक्ष राधेश्याम गुर्जर ने किसानों की व्यथा रखते हुए कहा कि किसान बार-बार शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हैं, लेकिन कुछ का समाधान होता है और कई मामलों में केवल आश्वासन ही मिलते हैं। उन्होंने प्रमुख समस्याओं को रेखांकित किया:
- झालावाड़ जिले के सैकड़ों गांव आज भी सिंचाई सुविधा से वंचित हैं।
- समय पर खाद-बीज की अनुपलब्धता और विद्युत आपूर्ति की समस्या।
- आपदा प्रबंधन मुआवजा एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ समय पर न मिलना।
उपस्थित पदाधिकारी और कार्यकर्ता
कोटा संभाग से: संभाग उपाध्यक्ष धनसिंह गुर्जर, संभाग मंत्री भूपेंद्र शर्मा, कार्यालय मंत्री मनोहर लाल डांगी, मुकेश मेहर, सत्यनारायण धाकड़, संतोष दुबे, जगदीश खाती, श्रीकिशन पाटीदार सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
झालावाड़ जिले से: जिला मंत्री कालूराम डांगी, जिला कोषाध्यक्ष शोभाराम डांगी, जिला पर्यावरण प्रमुख भगवान सिंह, जिला प्रचार प्रमुख महेश मेहर, जिला विधि प्रमुख मनीष श्रृंगी, जिला कार्यालय मंत्री रामलाल डांगी, जिला विद्युत प्रमुख बालूसिंह चौहान, पीरू सिंह, जिला मंडी प्रमुख कैलाश सेन, पिड़ावा तहसील अध्यक्ष प्रहलाद सिंह, तहसील मंत्री गोपाल डांगी, मुकेश पाटीदार, दरबार सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भविष्य का संकल्प
बैठक के अंत में किसानों ने संकल्प लिया कि संगठन को गांव-गांव तक मजबूत किया जाएगा और किसानों के अधिकारों एवं लाभकारी मूल्य की प्राप्ति के लिए संघर्ष को और तेज किया जाएगा।

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