एक घंटे के जाम के बाद कोटा से पहुंची टीम ने झालरापाटन में लिया नेत्रदान
झालरापाटन में सामाजिक सेवा की मिसाल बनी जब कोटा से आई डॉक्टरों की टीम ने एक घंटे के जाम के बाद भी देर रात दिवंगत प्रवीण चंद्र जैन के नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की। शाइन इंडिया फाउंडेशन द्वारा अब तक झालरापाटन में 10 नेत्रदान किए जा चुके हैं।

झालरापाटन। मानवीय संवेदना और सामाजिक सेवा की मिसाल बुधवार रात झालरापाटन में देखने को मिली, जब कोटा से आई चिकित्सक टीम ने देर रात एक घंटे के जाम से जूझने के बावजूद दिवंगत प्रवीण चंद्र जैन के नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की।
झालरापाटन के स्वर्ण पथ निवासी मनोज और जितेंद्र जैन के पिता प्रवीण चंद्र जैन (महावीर बस वाले) का बुधवार शाम एसआरजी अस्पताल, झालावाड़ में आकस्मिक निधन हो गया। परिवार में शोक की घड़ी के बीच बहु अमिता जैन ने समाजसेवा की प्रेरणा लेते हुए ससुर के नेत्रदान की इच्छा जताई और अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष एवं शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र डॉ. रामसेवक योगी से संपर्क किया।
परिजनों की इच्छा का सम्मान करते हुए डॉ. योगी ने तुरंत ही कोटा में शाइन इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. कुलवंत गौड़ को झालरापाटन आने का अनुरोध किया। टीम कोटा से रवाना हुई, किंतु रास्ते में दरा घाटी में लगभग एक घंटे तक जाम में फंसी रही। इसके बावजूद, मानवीय कर्तव्य और सेवा की भावना से प्रेरित होकर टीम देर रात झालरापाटन पहुंची।
डॉ. रामसेवक योगी, डॉ. कुलवंत गौड़ तथा संस्था के ज्योति मित्र अजय मोमिया की उपस्थिति में दिवंगत प्रवीण चंद्र जैन के पार्थिव शरीर से नेत्र (कॉर्निया) सावधानीपूर्वक प्राप्त किए गए। यह प्रक्रिया न केवल नेत्रदान की भावना को बल देती है, बल्कि जीवन के बाद भी दूसरों को रोशनी देने का संदेश देती है।
डॉ. कुलवंत गौड़ ने बताया कि शाइन इंडिया फाउंडेशन एवं मंजू श्री संस्थान के सहयोग से झालरापाटन में अब तक 10 दिवंगत व्यक्तियों के नेत्रदान हो चुके हैं। नेत्रदान उपरांत संस्था की ओर से परिजनों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
यह घटना न केवल नेत्रदान के महत्व को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि संवेदनशील समाज किस प्रकार दुख की घड़ी में भी मानवता की लौ प्रज्वलित रख सकता है।
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Suresh Momiya, Jhalawar
नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय
परिचय
सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- दैनिक बढ़ता राजस्थान
- दैनिक कोटा ब्यूरो
- दैनिक दो गज दूरी
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
