झालावाड़, 10 दिसंबर। विश्व धरोहर स्थल गागरोन दुर्ग बुधवार को एक ऐतिहासिक और अनूठे क्षण का साक्षी बना, जब 5100 से अधिक विद्यार्थियों ने एक साथ चित्रकला कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। राज्य सरकार की पंच गौरव योजना के तहत आयोजित ‘गागरोन दुर्ग चित्रकला महोत्सव’ ने न केवल जिले, बल्कि पूरे प्रदेश में कला और सांस्कृतिक चेतना की नई लहर पैदा की। इस उपलब्धि को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में आधिकारिक रूप से दर्ज किया गया।

सुबह से ही दुर्ग परिसर में उत्साह, उल्लास और रचनात्मकता का माहौल छाया रहा। प्राचीन दीवारों और शांत जलराशि के बीच बच्चों ने अपने ब्रश और रंगों से गागरोन दुर्ग को कैनवास पर जीवंत कर दिया। जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने इस अवसर को “अविस्मरणीय क्षण” बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि बच्चों की रचनात्मकता, विरासत के प्रति सम्मान और जिले की पहचान का प्रतीक है।

कार्यक्रम में रामबुर्ज पर आयोजित बास्केटबॉल मैच ने पंच गौरव थीम को खेल के रोमांच से जोड़ा। इस मैच में झालावाड़ की गर्ल्स और बॉयज़ टीम के बीच प्रतिस्पर्धा हुई। विशेष रूप से, जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ और पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने गर्ल्स टीम की ओर से खेल में भाग लेकर खिलाड़ियों और दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। मैच में गर्ल्स टीम विजेता रही।

महोत्सव के दौरान गागरोन दुर्ग परिसर में पंच गौरव—संत्रा, सागवान, कोटा स्टोन और बास्केटबॉल—पर आधारित प्रदर्शनी भी लगी, जिसने जिले की विशेषताओं, उद्योगों, पर्यटन और लोक विरासत को दर्शकों के समक्ष आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया।

आयोजन का संचालन और व्यवस्थापन सभी विभागों के उत्कृष्ट समन्वय का परिणाम रहा। सीईओ शंभूदयाल मीणा और एसडीएम अभिषेक चारण के नेतृत्व में सुरक्षा, आवागमन, पेयजल, चिकित्सा, बिजली और नियंत्रण की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की गई, जिससे विद्यार्थी और आगंतुक पूरी तरह सहज और सुरक्षित महसूस कर सके।

इस अवसर पर जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने गागरोन दुर्ग में संतरा और सागवान के पौधारोपण भी किया। वन विभाग के कार्मिकों को इन पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई। जिला कलेक्टर ने आयोजन की सफलता में योगदान देने वाली मनरेगा की महिला श्रमिकों, शिक्षकों, स्वयंसेवी संगठनों और आमजन का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में जिला प्रमुख प्रेम बाई दांगी, आरपीएससी के पूर्व अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा, जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, उप वन संरक्षक सागर पंवार, अतिरिक्त जिला कलेक्टर अनुराग भार्गव, जिला परिषद के सीईओ शंभूदयाल मीणा, उपखण्ड अधिकारी अभिषेक चारण, उपखण्ड अधिकारी भवानीमंडी श्रद्धा गोमे, झालरापाटन प्रधान भावना झाला सहित विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

गागरोन दुर्ग में यह आयोजन न केवल बच्चों की प्रतिभा और रचनात्मकता का उत्सव बन गया, बल्कि इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कला, संस्कृति और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध होगा। यह क्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और जिले की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का प्रतीक बनेगा।

Pratahkal Bureau

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