झालावाड़। प्रदेश की खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गरीब परिवारों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराने का उद्देश्य गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है। जिले में हाल ही में किए गए डेटा क्रॉस वेरिफिकेशन में 881 किसान परिवार ऐसे सामने आए हैं, जो योजना के लिए अपात्र होते हुए भी अपने परिवार के लिए मुफ्त राशन ले रहे हैं। इस खुलासे ने सरकार की योजना को बड़े पैमाने पर चुनौती दे दी है।

प्रवर्तन अधिकारी गोविंद दान देथा ने बताया कि इस प्रक्रिया में चिन्हित किसान वे हैं जिन्होंने इस वर्ष सरकारी तोल कांटे पर 100 क्विंटल से अधिक गेहूं सरकार को बेचा है। इसके बावजूद वे खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ उठा रहे हैं, जिससे गरीब परिवारों के हक पर डाका डाला जा रहा है। डीएसओ देवराज रवि ने कहा कि अब विभाग ने इस अपात्र लाभार्थियों का चेहरा सार्वजनिक करने और योजना से बाहर करने के लिए कड़ा कदम उठाया है।

जिले में अपात्र परिवारों की पहचान के लिए जनाधार डेटा, राशन कार्ड और एमएसपी डेटा का व्यापक क्रॉस-चेक किया गया। इसके नतीजे में स्पष्ट हुआ कि 881 किसान परिवारों ने सरकारी अनाज का विक्रय कर भुगतान प्राप्त किया, फिर भी मुफ्त राशन लेकर योजना का लाभ ले रहे थे। इस मामले में प्रदेश सरकार ने 31 दिसंबर 2025 तक अपात्र परिवारों को योजना से नाम हटाने का अंतिम अवसर दिया है। यदि वे स्वयं नाम नहीं हटवाते हैं तो उनके खिलाफ 27 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, जिले में अपात्र परिवारों को योजना छोड़ने के लिए 'गिव अप' अभियान भी चलाया गया है। डीएसओ देवराज रवि ने बताया कि इस अभियान में अब तक 87,605 परिवारों ने स्वेच्छा से योजना से लाभ त्याग दिया है। इसके अलावा, 926 सरकारी कर्मचारियों से भी लगभग 1.14 करोड़ रुपए सरकारी खाते में वापस कराए गए हैं। जिले में करीब 10 लाख 85 हजार परिवार वर्तमान में खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ उठा रहे हैं।

यह खुलासा न केवल योजना की पारदर्शिता और निगरानी की आवश्यकता को उजागर करता है, बल्कि यह गरीबों के हक में हो रहे संभावित आर्थिक नुकसान को भी सामने लाता है। प्रशासन द्वारा उठाए गए ये कदम यह सुनिश्चित करेंगे कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल सच्चे पात्रों तक ही पहुंचे और भ्रष्टाचार को कड़ा संदेश मिले।

Suresh Momiya, Jhalawar

Suresh Momiya, Jhalawar

नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)

वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय


परिचय

सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:

  • दैनिक बढ़ता राजस्थान
  • दैनिक कोटा ब्यूरो
  • दैनिक दो गज दूरी

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

Next Story