झालावाड़, 08 नवंबर। भारत की राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता की आत्मा बने अमर राष्ट्रगीत “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूर्ण होने पर झालावाड़ में भव्य जिला स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। भवानी पार्क में हुए इस ऐतिहासिक उत्सव में देशभक्ति की गूंज और राष्ट्रीय गौरव का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य के ग्रामीण विकास, पंचायतीराज, आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के राज्य मंत्री एवं झालावाड़ के प्रभारी मंत्री ओटाराम देवासी ने किया।

भवानी पार्क में आयोजित इस समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत के महत्व पर आधारित “वंदे मातरम/150” प्रदर्शनी के उद्घाटन से हुई। इसके बाद हजारों नागरिकों की भागीदारी से “वंदे मातरम रन” का आयोजन हुआ, जिसमें दो हजार से अधिक प्रतिभागियों ने देशभक्ति के जोश से सराबोर होकर हिस्सा लिया। रन के दौरान “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” के नारों से पूरा शहर गूंज उठा।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में सामूहिक राष्ट्रगीत गायन का आयोजन भी किया गया, जहां एक स्वर में गूँजते “वंदे मातरम” ने वातावरण को भावनात्मक और ऊर्जावान बना दिया। मंच पर प्रभारी मंत्री ओटाराम देवासी ने अपने संबोधन में कहा कि “वंदे मातरम अमर राष्ट्रगीत के रूप में स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र निर्माताओं की अनगिनत पीढ़ियों को प्रेरित करता रहा है। यह गीत भारत की राष्ट्रीय पहचान और सामूहिक भावना का चिरस्थायी प्रतीक है।”

उन्होंने कहा कि यह गीत केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि भारतीय आत्मा की गूंज है जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान करोड़ों देशवासियों के भीतर राष्ट्रप्रेम की ज्वाला प्रज्वलित की। आज जब हम इसके 150 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मना रहे हैं, यह भारत की राष्ट्रीय पहचान के विकास में इस गीत की गहरी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रासंगिकता को याद करने का अवसर है।

देवासी ने आगे कहा कि “वंदे मातरम” का यह जश्न न केवल बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के दूरदर्शी विचारों की स्थायी महत्ता को पुनः स्थापित करता है, बल्कि आधुनिक भारत में राष्ट्रवाद, एकता और सांस्कृतिक आत्म-जागरूकता के विमर्श को भी नई दृष्टि प्रदान करता है।

इस अवसर पर जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, एडीएम अनुराग भार्गव तथा सीईओ शंभूदयाल मीणा सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, विद्यार्थी और नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन और तिरंगे के साथ एकता के प्रतीकात्मक प्रदर्शन से हुआ, जिसने उपस्थित जनसमूह के मन में देशभक्ति का अमिट प्रभाव छोड़ा।

झालावाड़ ने इस उत्सव के माध्यम से एक बार फिर साबित किया कि “वंदे मातरम” केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का स्वर है, जो हर पीढ़ी को अपने राष्ट्र से प्रेम और समर्पण का संदेश देता है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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