झालावाड़। झालावाड़ मेडिकल कॉलेज और उससे संबद्ध एसआरजी एवं जनाना चिकित्सालय में प्रशासनिक शिथिलता के चलते कर्मचारियों के सब्र का बांध अब टूट चुका है। अपनी गाढ़ी कमाई और जायज हक के लिए महीनों से दफ्तरों के चक्कर काट रहे राजकीय कर्मचारियों ने शनिवार को लेखा विभाग की अनदेखी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि सात दिवस के भीतर उनके बकाया भुगतानों का निस्तारण नहीं हुआ, तो चिकित्सालय में कार्य बहिष्कार और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है, लेकिन कर्मचारियों के वर्दी भत्ता, डीए एरियर, वेतन एरियर, फिक्सेशन एरियर, एसीपी एरियर और यहाँ तक कि दीपावली बोनस जैसे महत्वपूर्ण भुगतान अभी तक लंबित हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि राज्य सरकार के स्पष्ट आदेशों के बावजूद स्थानीय लेखा शाखा इन भुगतानों को अटकाए बैठी है। प्रतिनिधिमंडल ने तीखे शब्दों में कहा कि जहाँ एक ओर मुख्य लेखाधिकारी, एक राजकीय लेखाधिकारी और एक राजमेस से नियुक्त लेखाधिकारी के साथ-साथ कर्मचारियों की पूरी फौज तैनात है, वहीं दूसरी ओर आम कर्मचारियों को अपने ही वेतन के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।

कर्मचारियों ने लेखा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जब किसी अन्य मद में भुगतान की फाइलें होती हैं, जहाँ विभाग का निजी हित सध रहा हो, तो वे फाइलें 'एरोप्लेन' की गति से दौड़ती हैं। इसके विपरीत, दिन-रात चिकित्सा सेवाओं में जुटे कर्मचारियों के हक की फाइलें धूल फांक रही हैं। इससे पूर्व भी दो बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं और संबंधित बाबूओं को बार-बार अवगत कराया जा चुका है, किंतु परिणाम शून्य रहा।

विरोध प्रदर्शन के दौरान नर्सेज संघ, फार्मासिस्ट संघ, लैब टेक्नीशियन संघ, रेडियोग्राफर संघ, तकनीकी कर्मचारी संघ और सहायक कर्मचारी संघ सहित सभी कैडरों के प्रतिनिधि एकजुट नजर आए। कर्मचारियों ने सामूहिक बयान जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि यदि एक सप्ताह में समाधान नहीं निकला तो वे गेट मीटिंग और कार्य बहिष्कार जैसे कदम उठाएंगे। इस स्थिति में मरीजों और आमजन को होने वाली किसी भी असुविधा के लिए स्थानीय चिकित्सा प्रशासन पूर्णतः उत्तरदायी होगा। यह आक्रोश केवल आर्थिक तंगी का नहीं, बल्कि व्यवस्था की उस उदासीनता का है जिसने अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों को संघर्ष की राह पर धकेल दिया है।

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Suresh Momiya, Jhalawar

Suresh Momiya, Jhalawar

नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)

वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय


परिचय

सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:

  • दैनिक बढ़ता राजस्थान
  • दैनिक कोटा ब्यूरो
  • दैनिक दो गज दूरी

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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