जालना जिले में सूखे की स्थिति के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे महिलाओं, किसानों, खेतिहर मजदूरों और मेहनतकश नागरिकों को कर्ज की किस्तों की अनिवार्य वसूली से राहत देने की मांग उठी है। वंचित बहुजन आघाड़ी ने महिला स्वयं सहायता समूहों और निजी सूक्ष्म वित्त कंपनियों की ओर से की जाने वाली कर्ज वसूली अस्थायी रूप से रोकने के साथ ही कर्जदारों का सिबिल स्कोर सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे मिली जानकारी के अनुसार, इस संबंध में ज्ञापन देकर प्रशासन से हस्तक्षेप करने की अपील की गई है।

जालना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सूखे की स्थिति के कारण रोजगार के अवसर कम हो गए हैं। पर्याप्त आय नहीं मिलने से अनेक परिवारों के सामने आजीविका चलाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। महिलाओं, किसानों, खेतिहर मजदूरों, कामगारों और मेहनतकश वर्ग की आर्थिक स्थिति लगातार कठिन होती जा रही है। इन परिवारों को दैनिक जरूरतें पूरी करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी परिस्थितियों में कई परिवारों के लिए कर्ज की नियमित किस्तें चुकाना संभव नहीं हो पा रहा है। ज्ञापन में इस स्थिति का उल्लेख किया गया है।

वंचित बहुजन आघाड़ी ने कहा कि जब परिवारों के पास आय का पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं है, तब कर्ज की किस्तों के लिए लगातार दबाव बनाए जाने से उन पर आर्थिक और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। इसलिए सूखाग्रस्त क्षेत्रों के कर्जदारों की परिस्थितियों को सहानुभूतिपूर्वक समझते हुए उन्हें अस्थायी राहत देना आवश्यक है। संगठन ने महिला स्वयं सहायता समूहों और निजी सूक्ष्म वित्त कंपनियों की कर्ज वसूली के मामले में प्रशासन से हस्तक्षेप करने तथा संबंधित एजेंसियों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।

ज्ञापन में कर्ज की किस्तें समय पर जमा नहीं कर पाने की स्थिति में कर्जदारों के सिबिल स्कोर पर पड़ने वाले संभावित प्रतिकूल प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई गई है। सूखे के कारण भुगतान में देरी होने से कर्जदारों का क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है, जिससे उन्हें भविष्य में नया कर्ज प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। वंचित बहुजन आघाड़ी ने मांग की है कि लागू नियमों और नियामक निर्देशों के अधीन कर्जदारों के क्रेडिट स्कोर की सुरक्षा के लिए उचित कार्रवाई की जाए।

संगठन ने सूखाग्रस्त कर्जदारों को किस्तों के भुगतान में छूट देने, कर्ज चुकाने के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध कराने अथवा कर्ज पुनर्गठन का विकल्प देने की मांग भी की है। इसके साथ ही आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवारों को राहत दिलाने के लिए प्रशासन से संबंधित वित्तीय संस्थानों और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने की अपील की गई है।

वंचित बहुजन आघाड़ी की ओर से जालना जिले के सूखाग्रस्त महिलाओं, किसानों, खेतिहर मजदूरों, कामगारों और मेहनतकश नागरिकों के न्यायसंगत अधिकारों के लिए यह ज्ञापन दिया गया है। संगठन ने प्रशासन से ज्ञापन में उठाई गई मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की है। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में तीव्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी भी दी गई है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि प्रस्तावित आंदोलन के कारण उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।

Achut D. More(Jalna)

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Achut D. More (Jalna) प्रातःकाल न्यूज़ के अनुभवी रिपोर्टर हैं, जो जलना क्षेत्र से ताज़ा और भरोसेमंद समाचार लाने में माहिर हैं। उन्होंने सामाजिक, राजनीतिक और स्थानीय घटनाओं पर अपनी गहरी समझ और निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ कई महत्वपूर्ण रिपोर्टिंग की हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों तक सत्य और तथ्यपूर्ण जानकारी पहुँचाना है, जिससे लोग हर खबर को समझदारी और विश्वास के साथ ग्रहण कर सकें।

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