मंठा की आकणी ग्रामपंचायत पर गंभीर आरोप, फर्जी हस्ताक्षर और सरकारी निधि के कथित गबन की जांच की मांग
सरपंच के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर और विकास कार्यों के बजट गबन की शिकायत लेकर ग्रामीणों ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।

महाराष्ट्र के जालना जिले में मंठा तालुका स्थित आकणी ग्रामपंचायत के विकास कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितता और फर्जी हस्ताक्षर की जांच के लिए ग्रामीणों ने जिला परिषद सीईओ को ज्ञापन सौंपा।
महाराष्ट्र के जालना जिले के मंठा तालुका स्थित आकणी ग्रामपंचायत के कामकाज पर गंभीर सवाल उठे हैं। विभिन्न विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं, सरकारी निधि के दुरुपयोग और सरपंच के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर किए जाने के संदेह की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि वास्तविक कार्य किए बिना कागजों पर रिकॉर्ड तैयार कर सरकारी धन का गबन किया गया। सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को दोपहर 4 बजे मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि आकणी के सरपंच कल्याणराव गोविंदराव बोराडे मुंबई में रहते हैं। उनकी अनुपस्थिति में उनके भाई सोनाजी गोविंदराव बोराडे ग्रामपंचायत का कामकाज संभालते हैं। शिकायतकर्ता ने इस दौरान सरपंच के नाम पर कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर करके प्रशासनिक कामकाज किए जाने की आशंका जताई है। ज्ञापन में मांग की गई है कि इस पहलू की भी जांच की जाए। हालांकि, इन आरोपों की सच्चाई आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
ज्ञापन के अनुसार, ग्रामपंचायत की विभिन्न विकास योजनाओं के तहत किए गए कार्यों में अनियमितताओं की शिकायतें पहले भी की जा चुकी हैं। इसके बावजूद मामले में प्रभावी जांच नहीं होने का दावा शिकायतकर्ता ने किया है। इसी आधार पर स्वीकृत विकास कार्यों, मौके पर उनकी वास्तविक स्थिति, खर्च से संबंधित बिलों, माप पुस्तिकाओं, कार्य पूर्णता प्रमाणपत्रों और सरकारी निधि के वितरण से जुड़े अभिलेखों की विस्तृत जांच करने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि ग्रामपंचायत के विकास कार्यों का मौके पर निरीक्षण किया जाए और यह सत्यापित किया जाए कि सरकारी निधि का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार हुआ है या नहीं। यदि दस्तावेजों में हेरफेर, फर्जी हस्ताक्षर या सरकारी धन के गबन के सबूत मिलते हैं, तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों अथवा अन्य व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार मामले दर्ज किए जाएं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि गांव में कथित दहशत के माहौल और अपनी जान को खतरा होने की आशंका के कारण शिकायतकर्ता अपनी पहचान उजागर करने में असमर्थता जता रहा है। इस कारण मामले की जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध अभिलेखों की निष्पक्ष पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।
अब आकणी ग्रामपंचायत से जुड़ी इस शिकायत पर जिला परिषद प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर ग्रामीणों की नजरें टिकी हैं। सरकारी निधि के खर्च, विकास कार्यों के रिकॉर्ड और सरपंच के नाम पर कथित फर्जी हस्ताक्षरों से जुड़े आरोपों की आधिकारिक जांच के बाद ही अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। आरोपों में तथ्य मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी या नहीं, यह भी जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा।

Achut D. More(Jalna)
Achut D. More (Jalna) प्रातःकाल न्यूज़ के अनुभवी रिपोर्टर हैं, जो जलना क्षेत्र से ताज़ा और भरोसेमंद समाचार लाने में माहिर हैं। उन्होंने सामाजिक, राजनीतिक और स्थानीय घटनाओं पर अपनी गहरी समझ और निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ कई महत्वपूर्ण रिपोर्टिंग की हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों तक सत्य और तथ्यपूर्ण जानकारी पहुँचाना है, जिससे लोग हर खबर को समझदारी और विश्वास के साथ ग्रहण कर सकें।
