समाज सेवा और मानवीय संवेदनाओं की अनूठी मिसाल पेश करते हुए बालोच परिवार ने स्वर्गीय श्रीमती मीरा देवी सोनू की पावन स्मृति में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) देवा को एक आधुनिक आईसीयू बेड भेंट किया है। यह जनहितकारी पहल न केवल स्वर्गीय मीरा देवी के सेवा, करुणा और मानवता के मूल्यों को सच्ची श्रद्धांजलि है, बल्कि सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।

इस मानवीय अनुकरणीय पहल के अंतर्गत सेवानिवृत्त भारतीय वन सेवा अधिकारी मानाराम बालोच की धर्मपत्नी श्रीमती ज्योति बालोच एवं उनके परिवार द्वारा प्रदान किया गया यह अत्याधुनिक आईसीयू बेड गंभीर रोगियों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जैसलमेर का यह देवा क्षेत्र सीमावर्ती इलाका होने के कारण यहाँ चिकित्सा संसाधनों की आवश्यकता हमेशा बनी रहती है। ऐसे कठिन भौगोलिक परिवेश में बालोच परिवार का यह सहयोग स्थानीय मरीजों को समय पर बेहतर और त्वरित उपचार उपलब्ध कराने में अत्यधिक सहायक सिद्ध होगा।इस सराहनीय योगदान के लिए आभार व्यक्त करते हुए पीएचसी देवा के चिकित्सा अधिकारी डॉ. पवन कंवर ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में इस आधुनिक आईसीयू बेड की उपलब्धता से अब गंभीर मरीजों की देखभाल और उनका उपचार अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा। उन्होंने इस सहयोग को रेखांकित करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के लिए यह दान किसी वरदान से कम नहीं है तथा इससे स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज होगा।







चिकित्सा केंद्र पर आयोजित इस विशेष अवसर पर फार्मासिस्ट निशा चौधरी और लैब टेक्नीशियन राज कुमार सहित अमृत पंवार, अशोक कुमार, नरेंद्र कुमार एवं श्रवण कुमार गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य जनों ने बालोच परिवार की इस परोपकारी पहल की भूरि-भूरि सराहना की और इसे संपूर्ण समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया। वक्ताओं ने इस दौरान अपने विचार साझा करते हुए कहा कि जब समाज के जागरूक नागरिक आगे आकर सार्वजनिक संस्थानों के विकास में अपना सहयोग प्रदान करते हैं, तभी जनकल्याण की दिशा में वास्तविक और सकारात्मक परिवर्तन संभव हो पाता है।

स्वर्गीय मीरा देवी सोनू की पावन स्मृति में समर्पित किया गया यह योगदान समाज को यह सशक्त संदेश देता है कि व्यक्ति भले ही इस भौतिक संसार से विदा हो जाए, लेकिन उसके आदर्श, संस्कार और सेवा की भावना समाज में लंबे समय तक जीवित रहती है। बालोच परिवार द्वारा किया गया यह जनसेवा का कार्य न केवल देवा क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती देगा, बल्कि समाज में परोपकार, परस्पर सहयोग और मानवता की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा। यह दूरगामी पहल सीमावर्ती क्षेत्र के नागरिकों के लिए आशा और विश्वास का नया प्रतीक बनकर उभरी है तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में एक अनुकरणीय उदाहरण के रूप में सदैव याद की जाएगी।

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