जैसलमेर। भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष और सुनार नरहरि सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमृतलाल सोनी ने अपना जन्मदिन परम्परागत आयोजनों से हटकर निस्वार्थ सेवा कार्यों के साथ मनाया। शहर में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक ओर जहाँ संगठन की एकजुटता का परिचय दिया, वहीं दूसरी ओर सामाजिक सरोकारों के प्रति एक सकारात्मक संदेश भी प्रेषित किया। इस अवसर पर उन्होंने गौशाला में पूजन कर मूक प्राणियों की सेवा की, तो वहीं कच्ची बस्ती के जरूरतमंद बच्चों के बीच पहुंचकर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरने का कार्य किया।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ श्री तुलसी गौशाला में हुआ, जहाँ अमृतलाल सोनी ने गौपूजन कर गौमाता को हरा चारा और गुड़ खिलाया। इस दौरान उन्होंने गौसेवा को राष्ट्रसेवा का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि श्रमिक वर्ग की मेहनत की कमाई का उपयोग सदैव समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति और मूक प्राणियों की सहायता के लिए होना चाहिए। गौशाला के बाद, वे अपने समर्थकों और इंटक कार्यकर्ताओं के साथ शहर की कच्ची बस्ती पहुंचे। यहाँ उन्होंने अपने हाथों से जरूरतमंद बच्चों को जूस, बिस्किट, फल और टॉफियां वितरित कीं। बच्चों के चेहरे पर छाई खुशी देखकर कार्यकर्ताओं में भी सेवा के प्रति उत्साह का संचार हुआ।

अमृतलाल सोनी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि वे जन्मदिन जैसे अवसरों पर केक काटने जैसी औपचारिकता के बजाय समाज सेवा को अधिक महत्व देते हैं। उनके अनुसार, जरूरतमंदों की मुस्कान ही उनके लिए जन्मदिन का सबसे बड़ा उपहार और उत्सव है। इस आयोजन में इंटक के पदाधिकारी, कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य, महिला कांग्रेस, यूथ इंटक और सुनार नरहरि सेना के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मजदूर एकता और संगठन की मजबूती के पक्ष में नारे भी लगाए।

कार्यक्रम के समापन पर अमृतलाल सोनी ने संगठन को और अधिक सुदृढ़ बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इंटक भविष्य में भी मजदूरों, किसानों और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा के साथ निरंतर कार्य करती रहेगी। यह आयोजन न केवल एक जन्मदिन का उत्सव था, बल्कि एक सक्रिय सामाजिक नेतृत्व का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा, जिसने उपस्थित जनसमूह को जनकल्याण के पथ पर चलने के लिए प्रेरित किया।

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