राजस्थान में अपराध रोकथाम के लिए Y-CLG की बढ़ेगी भूमिका, DGP ने दिए अहम निर्देश
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने Y-CLG सदस्यों से अपराध रोकथाम, महिला सुरक्षा, नशे और साइबर फ्रॉड के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। प्रदेश में 73,184 सदस्य पुलिस से जुड़ चुके हैं।

जयपुर, 5 सितम्बर। राजस्थान को देश का सबसे सुरक्षित राज्य बनाने के लक्ष्य के तहत पुलिस और आमजन के बीच समन्वय मजबूत करने के लिए यूथ-सीएलजी को सक्रिय भागीदार बनाने पर जोर दिया गया है। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों एवं पुलिस से जुड़े यूथ-सीएलजी सदस्यों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अपराधों की रोकथाम, साइबर सुरक्षा, रोड सेफ्टी, महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा तथा नशे के खिलाफ जागरूकता को लेकर विशेष जोर दिया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस लता मनोज कुमार और उपमहानिरीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप भी मौजूद रहे। डीजीपी श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान को देश का सबसे सुरक्षित राज्य बनाने के लक्ष्य में यूथ-सीएलजी की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इसके लिए यूथ-सीएलजी सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर पुलिस के साथ समन्वय से काम करना होगा।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि यूथ-सीएलजी सदस्यों के साथ निरंतर संवाद और समन्वय बनाए रखा जाए तथा उन्हें अपराध रोकथाम एवं जनसुरक्षा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
डीजीपी ने यूथ-सीएलजी सदस्यों से अपराध की आशंका वाली गतिविधियों की सूचना पुलिस तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यूथ-सीएलजी सदस्य अपराध नियंत्रण के लिए अपने सुझाव पुलिस से साझा कर सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।
महिला अपराधों की रोकथाम को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में विशेष प्राथमिकता दी गई। डीजीपी ने कहा कि यूथ-सीएलजी सदस्य बालिका एवं महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने में पुलिस के साथ मिलकर सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं।
युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने को लेकर भी डीजीपी ने यूथ-सीएलजी को आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यूथ-सीएलजी सदस्य नशे के व्यापार पर रोक लगाने के साथ लोगों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसी तरह साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी वाई-सीएलजी सदस्य आमजन को जागरूक करने में पुलिस का सार्थक सहयोग कर सकते हैं।
पुलिस द्वारा साझा की जाने वाली उपयोगी एवं जनहितकारी सूचनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में भी यूथ-सीएलजी सदस्यों की प्रभावी भूमिका रहेगी। उनके माध्यम से न केवल जनोपयोगी जानकारियों का प्रसार किया जा सकेगा, बल्कि भ्रामक एवं हानिकारक सूचनाओं की सत्यता भी लोगों तक त्वरित गति से पहुंचाई जा सकेगी।
अतिरिक्त महानिदेशक सामुदायिक पुलिसिंग ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 73,184 वाई-सीएलजी सदस्य पुलिस से जुड़ चुके हैं। उन्होंने वाई-सीएलजी के सहयोग से किए जा रहे कार्यों की प्रभावशीलता और उनके योगदान की एक माह बाद समीक्षा करने की बात रखी।
महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस और वाई-सीएलजी की संयुक्त एवं सक्रिय भागीदारी से सुरक्षित राजस्थान के संकल्प को और मजबूत किया जा सकेगा।

