यमुना जल समझौता: राजेंद्र राठौड़ ने भजनलाल सरकार की उपलब्धि बताया
शेखावाटी के लिए 34,102 करोड़ रुपये की इस परियोजना से चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों की करीब 75 लाख आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।

जयपुर में भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मंच पर बैठे (बाएं से दाएं) भाजपा नेता श्रवण सिंह बगड़ी, स्वामी सुमेधानंद सरस्वती, राजेन्द्र राठौड़ और अन्य पदाधिकारी मीडिया को संबोधित करते हुए।
राजस्थान में यमुना जल समझौते को लेकर रविवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ, जिसे भारतीय जनता पार्टी ने राज्य के लिए निर्णायक उपलब्धि बताया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 32 वर्ष पूर्व शेखावाटी के लिए देखा गया सपना मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पूरा हुआ है। उन्होंने इसे “एक धरती पुत्र का सपना किसान पुत्र ने पूरा किया” बताते हुए कहा कि इससे लगभग 75 लाख आमजन को सीधा लाभ मिलेगा।
राठौड़ ने बताया कि यमुना जल का 1917 क्यूसेक औसत प्रवाह और 577 एमसीएम निर्धारित हिस्सा हरियाणा के हथिनीकुण्ड बैराज से राजस्थान तक पहुंचेगा। यह जल चूरू जिले के हासियावास जलाशय तक 295.5 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से पहुंचाया जाएगा। 34,102 करोड़ रुपये की इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना से सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिलों की बड़ी आबादी लाभान्वित होगी।
उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में कल प्रातः 9 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का भव्य स्वागत किया जाएगा, जिसमें शेखावाटी के जनसमुदाय और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे। राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी इस अभिनंदन कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि गहलोत ने पहले स्वयं यह कहा था कि यदि यमुना जल पर समझौता होता है तो वे मुख्यमंत्री का अभिनंदन करेंगे।
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी अपने घोषणा पत्र में यमुना जल की बात करती रही, लेकिन सत्ता में आने पर मौन साध लिया। उन्होंने यह भी कहा कि आश्चर्यजनक रूप से हरियाणा के चुनावों में राजस्थान को पानी नहीं देने की बात की जाती रही, जबकि राजस्थान के कांग्रेस नेता वहां प्रचार करते रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह एमओयू नहीं बल्कि एमओए है, और कांग्रेस नेताओं को एमओयू और एमओए का अंतर समझना चाहिए।
राठौड़ ने बताया कि वर्ष 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. भैरोसिंह शेखावत ने शेखावाटी के लिए इस परियोजना का सपना देखा था, जिसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने धरातल पर उतारा है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में हरियाणा और राजस्थान के बीच पहले एमओयू और फिर डीपीआर पर सहमति बनी, जिसके बाद अब तक 8 बैठकें हो चुकी हैं। फरवरी माह में हरियाणा द्वारा पाइपलाइन अलाइनमेंट को स्वीकृति दी गई, साथ ही बजट में आवश्यक प्रावधान किए गए हैं। राज्य सरकार इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिलाने के लिए प्रयासरत है तथा भूमि अधिग्रहण एवं टेंडर प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी।
सीकर के पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती ने कहा कि उन्होंने अपने सांसद कार्यकाल में इस मुद्दे को संसद में उठाया था, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार की इच्छाशक्ति के अभाव में सफलता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निरंतर प्रयासों से यह सफलता मिली है और वे शेखावाटी के लिए “भागीरथ” बनकर आए हैं।
प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी, भूपेन्द्र सैनी, मिथिलेश गौतम, कैलाश मेघवाल और प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रमोद वशिष्ठ उपस्थित रहे।

Pratahkal Bureau
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