राजस्थान की प्यासी धरा के लिए 29 जून का दिन एक नए युग की शुरुआत लेकर आया है, जब यमुना जल परियोजना के ऐतिहासिक एमओए पर हस्ताक्षर हुए। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जयपुर आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और आमजन ने उत्साह के साथ उनका अभूतपूर्व स्वागत किया। जयपुर एयरपोर्ट से लेकर मुख्यमंत्री निवास तक आयोजित रोड शो में उमड़े जनसैलाब ने मुख्यमंत्री को ‘भगीरथ’ की उपमा दी। शेखावाटी क्षेत्र के निवासियों ने जल कलश भेंट कर और पुष्प वर्षा के माध्यम से इस परियोजना के लिए अपना आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ई-बस के काफिले का उपयोग कर ईंधन बचत का एक प्रेरक संदेश भी दिया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की आठ करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इस समझौते के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में ही यह संभव हो पाया है कि राजस्थान की धरती पर मां यमुना का जल आएगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रति कृतज्ञता जताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस एमओए से झुंझुनूं, सीकर और चूरू जिलों में जल संकट का अंत होगा। इस परियोजना से न केवल कृषि क्षेत्र को संबल मिलेगा, बल्कि पर्यटन और उद्योगों के विकास के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने केवल शेखावाटी की जनता को यमुना जल का सपना दिखाया और छलावा किया। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि हरियाणा और राजस्थान में कांग्रेस की सरकारें होने के बावजूद इस दिशा में कोई समन्वय नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने यह भी उजागर किया कि हरियाणा कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में यमुना जल समझौते को निरस्त करने का वादा किया था, जिस मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की उपस्थिति थी, जो गहलोत की मंशा को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि विधानसभा में उन्होंने शेखावाटी को जल उपलब्ध कराने का जो संकल्प लिया था, उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया जा रहा है।

परियोजना की तकनीकी और प्रगति रिपोर्ट साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 फरवरी 2024 को एमओयू के बाद तत्काल प्रभाव से टास्क फोर्स का गठन कर डीपीआर तैयार की गई। लगभग 34 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना तेजी से अग्रसर है। इसके तहत 3.6 मीटर व्यास की पाइपलाइन बिछाकर यमुना का पानी शेखावाटी तक पहुँचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए रोडमैप के साथ कार्य कर रही है, जिसमें रामजल सेतु लिंक परियोजना, आईजीएनपी, गंग नहर, देवास और माही जैसी लंबित परियोजनाओं को निरंतर गति प्रदान की जा रही है।

प्रदेश की बदलती तस्वीर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले राजस्थान की पहचान पेपरलीक और भ्रष्टाचार से होती थी, लेकिन अब परिस्थितियाँ पूर्णतः बदल गई हैं। युवाओं के लिए रोजगार, किसानों के हित और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है और राजस्थान अब अन्य राज्यों को भी बिजली आपूर्ति कर रहा है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 4 जुलाई को बालोतरा यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे, जयपुर मेट्रो फेज 2 की आधारशिला रखेंगे और हजारों युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि वर्तमान कार्यकाल में एक भी पेपरलीक नहीं हुआ है और 1.25 लाख युवाओं को नौकरियां दी गई हैं।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने मुख्यमंत्री की तुलना पौराणिक भगीरथ से करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने ढाई वर्ष के अल्प कार्यकाल में उन योजनाओं को धरातल पर उतारा है, जिनका दशकों से इंतजार था। उन्होंने स्मरण किया कि वर्ष 1994 से शेखावाटी क्षेत्र यमुना जल की प्रतीक्षा में था, जिसे अब केंद्र, राजस्थान और हरियाणा की ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार के सहयोग से पूरा किया जा रहा है। इस भव्य स्वागत कार्यक्रम में उप-मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, संगठन महामंत्री अजेय कुमार, मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद, विधायक और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

Pratahkal Newsroom

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