VIT और टाटा मोटर्स के बीच समझौता, कर्मचारियों के लिए शुरू होगा बी.टेक प्रोग्राम
शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से टाटा मोटर्स रानीपेट के कर्मचारियों के लिए विशेष बी.टेक (मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग) कार्यक्रम संचालित किया जाएगा।

पुणे में आयोजित समारोह के दौरान एमओयू साझा करते वीआईटी के चांसलर डॉ. जी. विश्वनाथन और टाटा मोटर्स के सीएचआरओ सीताराम कंडी। (बाएं से दाएं: डॉ. टी. जयभारती, डॉ. शंकर विश्वनाथन, डॉ. जी. विश्वनाथन, सीताराम कंडी, प्रमोद चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी)।
वेल्लोर। औद्योगिक कौशल विकास और शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में एक युगांतरकारी कदम उठाते हुए वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) ने टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (TMPV) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस रणनीतिक साझेदारी का औपचारिक आगाज 16 अप्रैल को पुणे स्थित टाटा मोटर्स परिसर में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में हुआ, जहां वीआईटी की रजिस्ट्रार डॉ. टी. जयभारती और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी श्री सीताराम कंडी ने आधिकारिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर उनका आदान-प्रदान किया।
इस उच्च स्तरीय समझौते के दूरगामी परिणामों को रेखांकित करते हुए वीआईटी के चांसलर डॉ. जी. विश्वनाथन और सीताराम कंडी ने एमओयू के औपचारिक आदान-प्रदान की प्रक्रिया को संपन्न किया। इस विशेष पहल के अंतर्गत, वीआईटी आगामी शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से टाटा मोटर्स के रानीपेट संयंत्र में कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक विशेष बी.टेक (मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग) कार्यक्रम संचालित करेगा, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों के तकनीकी ज्ञान को उन्नत कर उन्हें भविष्य की औद्योगिक चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर टाटा मोटर्स के शीर्ष नेतृत्व की ओर से वाइस प्रेसिडेंट (ऑपरेशंस) प्रमोद चौधरी, सीनियर जनरल मैनेजर (पीवी ऑपरेशन) नीरज अग्रवाल, जनरल मैनेजर (एचआर) विवेक बिंद्रा, जनरल मैनेजर (लर्निंग एंड डेवलपमेंट) डॉ. रंगा गुंटी, जनरल मैनेजर (लर्निंग एंड डेवलपमेंट) मार्सेल फर्नांडिस, जीएम एवं हेड (अर्ली करियर एंड कैंपस प्रोग्राम्स) राजीव रंजन और डिप्टी जीएम-एचआर (रानीपेट प्लांट) अभ्युदय द्विवेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, शैक्षणिक जगत का प्रतिनिधित्व करते हुए वीआईटी के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. शंकर विश्वनाथन और डॉ. सेकर विश्वनाथन, वाइस चांसलर डॉ. कंचना भास्करन, डायरेक्टर (सीपीडी) डॉ. सैमुअल राजकुमार, डीन (स्कूल ऑफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग) डॉ. कुप्पन पी., असिस्टेंट डायरेक्टर (सीडीसी) डॉ. गौरव सुषांत और पुणे के रीजनल प्लेसमेंट ऑफिसर सबदे अमित सुरेश ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
यह एमओयू न केवल शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को कम करने का एक ठोस प्रयास है, बल्कि यह रानीपेट संयंत्र के कार्यबल को शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी मील का पत्थर भी साबित होगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से टाटा मोटर्स के कर्मचारियों को कार्यस्थल पर ही विश्वस्तरीय इंजीनियरिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जो अंततः देश के विनिर्माण क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

