राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के विनीत यादव बने 'गूगल स्टूडेंट एम्बेसडर'
राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्र विनीत यादव ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्हें प्रतिष्ठित गूगल स्टूडेंट एम्बेसडर प्रोग्राम (2026) के लिए चुना गया है। जानें, कैसे विनीत अब तकनीक और एआई के क्षेत्र में नवाचार की नई इबारत लिखेंगे।

राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्र विनीत यादव, जिन्हें प्रतिष्ठित गूगल स्टूडेंट एम्बेसडर प्रोग्राम (2026 कोहोर्ट) के लिए चुना गया है।
राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण में, स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के डेटा साइंस एंड एनालिटिक्स विभाग के एम.एससी. (बिग डेटा एनालिटिक्स) सत्र 2025-27 के छात्र विनीत यादव को प्रतिष्ठित गूगल स्टूडेंट एम्बेसडर प्रोग्राम (2026 कोहोर्ट) के लिए चुना गया है। इस उपलब्धि के साथ ही विनीत को आधिकारिक ऑनबोर्डिंग अनुबंध और एम्बेसडर आईडी (GID-6834) प्राप्त हुई है। इस वैश्विक भूमिका में विनीत विश्वविद्यालय परिसर में गूगल जेमिनी एआई जैसी नवीनतम तकनीकों के प्रसार, छात्र-नेतृत्व वाले एआई समुदायों के गठन और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेंगे।
इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम के लिए चयन प्रक्रिया अत्यंत चुनौतीपूर्ण थी, जिसमें नेतृत्व क्षमता, संचार कौशल और व्यावहारिक नवाचार को प्राथमिकता दी गई। चयन के प्रथम चरण में ऑनलाइन परिस्थितिजन्य परीक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों की रणनीतिक सोच का मूल्यांकन किया गया। वहीं, द्वितीय चरण के वीडियो साक्षात्कार में उम्मीदवारों की प्रस्तुति क्षमता, समस्या-समाधान कौशल और तकनीकी जागरूकता को परखा गया। इस चरण की एक प्रमुख चुनौती मात्र सात दिनों के भीतर बिना किसी बजट के जेमिनी एआई के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु एक रचनात्मक अभियान की रूपरेखा तैयार करना था, जिसे विनीत ने अपनी प्रतिभा से सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि विनीत यादव का चयन संस्थान की अकादमिक उत्कृष्टता और विद्यार्थियों की प्रतिभा का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने विश्वास जताया कि विनीत इस वैश्विक मंच पर विश्वविद्यालय का उत्कृष्ट प्रतिनिधित्व करेंगे। वहीं, अपनी सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को देते हुए विनीत ने कहा कि डेटा साइंस के अध्ययन ने उनकी विश्लेषणात्मक सोच को नई दिशा दी है। विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. निष्ठा केसवानी ने भी इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए इसे नवाचार आधारित शिक्षण का परिणाम बताया। अब विनीत के कंधों पर छात्रों को उभरती एआई तकनीकों से जोड़ने और तकनीकी संसाधनों को सुलभ बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

