विकसित भारत: सीमांत गाँवों का अनुभव लेकर लौटे राजस्थान के युवा, खेल मंत्री ने किया संवाद
हिमाचल की सीमा पर आईटीबीपी के जवानों के साथ देश के 'प्रथम गाँवों' का अनुभव लेकर लौटे राजस्थान के 14 जांबाज युवाओं ने खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के साथ साझा किए अपने रोमांचक किस्से। जानिए कैसे बदलेंगे ये युवा विकसित भारत की तस्वीर।

जयपुर में केंद्रीय खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के साथ 'विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम' से लौटे राजस्थान के चयनित युवा स्वयंसेवक।
जयपुर। देश के सुदूर सीमांत क्षेत्रों की दुर्गम परिस्थितियों और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जांबाजों के अनुशासन को करीब से देख लौटे राजस्थान के 14 युवा स्वयंसेवकों ने आज राजधानी जयपुर में अपने साहसिक अनुभवों का साझा अनुभव साझा किया। भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय के संयुक्त तत्वाधान में 'मेरा युवा भारत' (MY Bharat) के तहत आयोजित 'विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम' से लौटे इन युवाओं का आज जयपुर में विशेष शैक्षणिक एवं संवाद भ्रमण आयोजित किया गया। प्रदेश के 2.59 लाख डिजिटल आवेदकों में से चयनित ये 14 होनहार युवा हिमाचल प्रदेश के रिकांग पिओ और भारत-चीन सीमा पर स्थित 'प्रथम गाँव' (First Village) में 10 दिवसीय प्रवास पूरा कर लौटे हैं।
युवाओं के इस विशेष भ्रमण की शुरुआत राजस्थान विधानसभा संग्रहालय के अवलोकन से हुई। यहाँ उन्होंने संसदीय प्रणाली, विधायी प्रक्रियाओं और राज्य के समृद्ध राजनीतिक इतिहास को जाना। युवाओं ने लोकतंत्र के मूल्यों को समझते हुए इसे समाज के अंतिम व्यक्ति के सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। इसके पश्चात, अमर जवान ज्योति पर पहुंचकर दल ने देश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों को नमन किया और राष्ट्र सेवा का संकल्प दोहराया। साथ ही, युवाओं ने एसएमएस (SMS) स्टेडियम का भ्रमण कर राज्य की आधुनिक खेल अवसंरचना को भी देखा।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण जयपुर के एक रूफटॉप रेस्टोरेंट में आयोजित माननीय खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के साथ उनका संवाद सत्र रहा। स्वयं सैन्य पृष्ठभूमि और ओलंपिक पदक विजेता रहे कर्नल राठौड़ ने इन स्वयंसेवकों के सीमांत प्रवास के संस्मरणों को आत्मीयता से सुना। युवाओं ने विपरीत परिस्थितियों में आईटीबीपी के जवानों के समर्पण और देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच विकसित हुई टीम-स्पिरिट के बारे में विस्तार से बताया।
संवाद के दौरान कर्नल राठौड़ ने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि खेल का मैदान और देश की सीमाएं, दोनों ही हमें बिना किसी शॉर्टकट के कड़े अनुशासन से लक्ष्य भेदना सिखाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'मेरा युवा भारत' के ये स्वयंसेवक अब 'विकसित भारत @2047' के ब्रैंड एंबेसडर के रूप में कार्य करेंगे। ये युवा अब राजस्थान के प्रत्येक ब्लॉक और गाँव में जाकर युवाओं को शारीरिक रूप से फिट, मानसिक रूप से सुदृढ़ और सामाजिक रूप से जागरूक बनाने के लिए 'यूथ लीडर्स' की भूमिका निभाएंगे। यह ऐतिहासिक भ्रमण युवाओं में राष्ट्र निर्माण के प्रति एक नई ऊर्जा और स्पष्ट दृष्टि का संचार कर गया है, जो भविष्य में ग्रामीण विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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