ब्यावर के दिग्गज बने जयपुर में रचे गए स्वर्णिम इतिहास के गवाह: 78वें सेना दिवस पर भव्य परेड ने जीता सबका दिल
जयपुर के जगतपुरा में आयोजित 78वें भारतीय थल सेना दिवस की ऐतिहासिक परेड के साक्षी बने ब्यावर के गणमान्य नागरिक। थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उपस्थिति में भारतीय सेना ने दिखाया अपना शौर्य और पराक्रम। पढ़ें ब्यावर के दिग्गजों के साथ इस गौरवशाली सैन्य उत्सव की पूरी रिपोर्ट और आयोजन की भव्यता की खास झलकियां।

जयपुर/ब्यावर। राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर के आकाश में जब लड़ाकू विमानों की गर्जना हुई और धरातल पर भारतीय सेना के जांबाजों के कदमताल की गूंज सुनाई दी, तो वहां मौजूद हर शख्स का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। अवसर था 78वें भारतीय थल सेना दिवस का, जिसे पहली बार दिल्ली से बाहर जयपुर के जगतपुरा स्थित महल रोड पर इतने भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप में आयोजित किया गया। इस गौरवशाली पल और भारतीय सैन्य शक्ति के इस वैभवशाली प्रदर्शन का साक्षी बनने का सौभाग्य ब्यावर की प्रमुख हस्तियों को भी प्राप्त हुआ, जिन्होंने इस आयोजन को अपने जीवन का एक अविस्मरणीय अध्याय बताया।
इस ऐतिहासिक सेना दिवस परेड के स्वर्णिम अध्याय का हिस्सा बनने के लिए सनातन धर्म पुरोहित महासभा के प्रदेश अध्यक्ष जुगनू शर्मा, ब्यावर व्यापार संघ के जिला उपाध्यक्ष प्रदीप बोहरा, इवोरा ग्लोबल कंसल्टेंट के प्रमुख ईशान शर्मा, जैन युवा संघ के अध्यक्ष अंश बोहरा और वरिष्ठ पत्रकार दिलीप सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। इन सभी गणमान्य जनों ने सेना के शौर्य, अनुशासन और आधुनिक हथियारों के प्रदर्शन को करीब से देखा और इस पल को ब्यावर के लिए भी सम्मान की बात बताया।
परेड की गरिमा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार्यक्रम में देश के शीर्ष सैन्य और नागरिक नेतृत्व की मौजूदगी रही। थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी की देखरेख में आयोजित इस भव्य समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, मिजोरम के राज्यपाल जनरल वी.के. सिंह, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित सेना के कई शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। इन दिग्गजों की उपस्थिति ने न केवल जवानों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि सामरिक दृष्टि से राजस्थान की यह भूमि भारतीय सुरक्षा तंत्र के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।
समारोह के दौरान सेना के जांबाजों ने हैरतअंगेज कारनामों और अपनी युद्धक क्षमताओं का प्रदर्शन कर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। आधुनिक टैंकों, मिसाइल प्रणालियों और इन्फैंट्री के अनुशासित मार्च पास्ट ने भारत की बढ़ती सैन्य ताकत का लोहा मनवाया। यह आयोजन केवल एक सैन्य प्रदर्शन मात्र नहीं था, बल्कि यह राष्ट्र की संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति सेना के संकल्प का एक जीवंत प्रमाण था। जयपुर की धरा पर पहली बार आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम ने इतिहास के पन्नों में एक नया रिकॉर्ड दर्ज कर दिया है, जिसकी चर्चा अब देशभर में हो रही है।

Pratahkal Bureau
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