जयपुर में वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के तहत सीएसआर कार्यशाला आयोजित
प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल की मौजूदगी में उद्यमियों और अधिकारियों ने जल संवर्धन का संकल्प लिया; भूजल स्तर सुधारने पर हुई चर्चा।

राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित सीएसआर कार्यशाला के दौरान उपस्थित लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाते अतिथि और अधिकारी।
“जल है तो कल है, जल है तो जीवन है” के संदेश के साथ वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत गुरुवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में जिला प्रशासन एवं जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र की ओर से सीएसआर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में विधि, संसदीय एवं जयपुर जिले के प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल ने जल संरक्षण को प्राणिमात्र की मूलभूत आवश्यकता बताते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय कहा।
मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने जिले के सभी उद्यमियों, किसानों, सामाजिक संगठनों, कार्मिकों एवं आमजन से इस अभियान में तन, मन और धन से जुड़ने की अपील करते हुए इसे जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से जयपुर जिले को जल संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी जिला बनाया जा सकता है। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलवाई।
कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे जिला कलेक्टर संदेश नायक ने जल को जीवन का आधार बताते हुए उद्यमियों से जल संरक्षण कार्यों में अधिकाधिक आर्थिक सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि भूजल स्तर में लगातार गिरावट गंभीर चिंता का विषय है और इसके समाधान के लिए प्रशासन एवं समाज को मिलकर कार्य करना होगा।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक सुभाष शर्मा ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि 25 मई से 5 जून 2026 तक संचालित होने वाले वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत जिलेभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी उद्यमियों से अभियान में व्यापक और सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ भूजल वैज्ञानिक डॉ. मलेंद्र चौहान ने अत्यधिक भूजल दोहन से उत्पन्न खतरों पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं जल ग्रहण विभाग के अधीक्षण अभियंता गोपाल प्रसाद जैन ने वर्षा जल की प्रत्येक बूंद को संरक्षित करने की आवश्यकता पर प्रस्तुति देते हुए जल संचयन के महत्व को रेखांकित किया।
पानी के जादूगर के नाम से प्रसिद्ध पर्यावरणविद् पद्मश्री लक्ष्मण सिंह लापोडिया वाले तथा धरती अमृत वाले पद्मश्री सुण्डाराम ने जल संरक्षण, पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए अपने कार्यों एवं अनुभवों से उपस्थित लोगों को अवगत कराया। कार्यक्रम में उद्यमियों ने भी जल एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपने प्रयास साझा किए।
महाप्रबंधक जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र, जयपुर शहर डॉ. अनुकृति सिंह ने उद्यमियों एवं गौ प्रतिनिधियों को अभियान की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर उपवन संरक्षक वी. केतन कुमार, अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रथम विनीता सिंह, अतिरिक्त जिला कलेक्टर चतुर्थ आशीष कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, उद्यमी एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत आयोजित यह कार्यशाला जल संकट से निपटने के लिए प्रशासन, उद्योग जगत और समाज के साझा प्रयासों की मजबूत पहल बनकर सामने आई, जिसमें जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।

Pratahkal Bureau
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