राजस्थान में जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को लेकर एक अभूतपूर्व क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। जयपुर जिला प्रशासन के तत्वावधान में आयोजित 'वंदे गंगा' जल संरक्षण जन अभियान 2026 के तहत पूरे जिले में बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा सोमवार को जयपुर जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित इन विविध जनजागरूकता कार्यक्रमों में जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई, प्राकृतिक खेती एवं पर्यावरण संरक्षण की गूंज रही। इस महाअभियान में स्थानीय किसानों, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, किसान समूहों तथा ग्रामीण नागरिकों ने बेहद उत्साहपूर्वक भाग लेकर इसे एक बड़े जनआंदोलन का रूप दे दिया है।

इस प्रशासनिक मुहिम के रणनीतिक पहलुओं को सामने लाते हुए जिला परिषद् की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान धरातल पर बदलाव लाने के लिए स्प्रिंकलर, ड्रिप सिंचाई प्रणाली, पाइपलाइन एवं फार्म पॉण्ड योजनाओं की तकनीकी व व्यावहारिक जानकारी किसानों को प्रदान की गई। इसके साथ ही, ऑन-स्पॉट कार्रवाई करते हुए विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृतियां भी जारी की गईं। ग्रामीण क्षेत्रों में सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्राकृतिक, जैविक एवं प्रिसिजन खेती विषयक विशेष कार्यशालाओं एवं प्रदर्शनों का आयोजन किया गया, जिनमें कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने किसानों को जल की प्रत्येक बूंद के अधिकतम उपयोग एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों की बारीकियां सिखाईं।

इस जन अभियान का व्यापक असर जयपुर के शाहपुरा और दूदू क्षेत्रों में विशेष रूप से देखने को मिला। शाहपुरा क्षेत्र में आयोजित भव्य कार्यक्रमों में लगभग 1805 नागरिकों ने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। इस दौरान आगामी 'हरियालो राजस्थान' अभियान के अंतर्गत वृहद पौधारोपण कार्यों की रूपरेखा तय कर तैयारियां की गईं, साथ ही क्षेत्र के विद्यालयों में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को गहराई से जागरूक किया गया। दूसरी ओर, दूदू क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रमों में लगभग 923 किसानों एवं ग्रामीणों ने अपनी उपस्थिति से अभियान को गति दी। दूदू में विशेष पहल के तहत 25 चयनित किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों का गहन प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा, क्षेत्र में 20 रणनीतिक स्थानों पर 'हरियालो राजस्थान' अभियान की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की गई, 17 किसानों को वैज्ञानिक कम्पोस्टिंग तकनीकों की जानकारी दी गई और 15 किसानों को आधुनिक लघु सिंचाई यंत्रों का जीवंत प्रदर्शन कर उनकी वास्तविक उपयोगिता से अवगत कराया गया।

प्रशासन द्वारा आयोजित इन किसान चौपालों एवं कृषि शिक्षा कार्यक्रमों के माध्यम से कृषकों को उन्नत कृषि तकनीकों, जल संरक्षण आधारित खेती तथा मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन के प्रति पूरी तरह सजग और जागरूक बनाया गया। अभियान के दौरान विभिन्न ग्राम पंचायतों में पूर्व स्वीकृत कार्यों का भौतिक अवलोकन एवं लोकार्पण भी किया गया तथा नए विकास कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को त्वरित गति से संपादित किया गया। कृषि विज्ञान केंद्रों एवं ग्राम स्तरीय कृषि गोष्ठियों में पहुंचे वरिष्ठ कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को नवीनतम कृषि अनुसंधान, उन्नत किस्म के बीज, फसल प्रबंधन एवं जल संरक्षण संबंधी तकनीकों की महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। 'हरियालो राजस्थान' अभियान के अंतर्गत पौधारोपण की तैयारियों को तेज करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में जनसहभागिता से पौध संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन का एक मजबूत संदेश प्रसारित किया गया है। इस पूरे आयोजन में कृषि विभाग एवं उद्यानिकी विभाग के उच्च अधिकारियों, फील्ड कार्मिकों, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, प्रगतिशील कृषकों तथा भारी संख्या में आम नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जिला प्रशासन ने अब इस मुहिम को और व्यापक बनाने के लिए आमजन से जल व पर्यावरण संरक्षण की इस जनभागीदारी आधारित मुहिम में सक्रिय योगदान देने का पुरजोर आह्वान किया है।

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