राजस्थान सरकार की मंशा के अनुरूप जल संरक्षण को एक देशव्यापी जन आंदोलन का जीवंत स्वरूप देने और आमजन के भीतर बूंद-बूंद पानी बचाने के प्रति चेतना जागृत करने के उद्देश्य से राजधानी जयपुर में एक अभूतपूर्व महा-अभियान का आगाज हो गया है। जिला कलक्टर संदेश नायक के कुशल एवं कड़े निर्देशन में “वंदे गंगा” जल संरक्षण जन अभियान 2026 के अंतर्गत जिले के समस्त ब्लॉक मुख्यालयों एवं ग्राम पंचायत स्तर पर सघन जन-जागरूकता और ठोस जल संरक्षण गतिविधियों का व्यापक आयोजन किया गया। सरकार की इस दूरदर्शी पहल का मुख्य ध्येय प्राकृतिक संपदा के इस सबसे अनमोल रत्न को भविष्य के लिए सुरक्षित करना है, जिसे लेकर प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है।

इस विराट अभियान के अंतर्गत जन-जन की सहभागिता को धरातल पर सुनिश्चित करने और जल चेतना का संचार करने के लिए विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों का प्रभावी आयोजन किया गया, जिसने राहगीरों और ग्रामीणों को सोचने पर मजबूर कर दिया। इसी कड़ी में सामूहिक चेतना का परिचय देते हुए अधिकतम संख्या में आमजन को एक सुर में “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026” का पवित्र संकल्प दिलाया गया। धरातलीय स्तर पर जल संचयन को मजबूती देने के लिए क्षेत्र में नवीन अमृत सरोवर, जल संरक्षण एवं जल संवर्धन संरचनाओं का विधिवत शिलान्यास एवं भूमि पूजन संपन्न किया गया, तो वहीं दूसरी ओर पूर्व में पूर्ण हो चुके विभिन्न जल कार्यों का गरिमामय उद्घाटन एवं लोकार्पण कर उन्हें जनता को समर्पित किया गया।

पर्यावरण संतुलन और हरितमा को बढ़ाने के लिए ‘हरियालो राजस्थान अभियान’ के अंतर्गत वृहद स्तर पर पौधारोपण कार्यों की अग्रिम तैयारियां युद्धस्तर पर पूरी की गईं। इसके साथ ही, पारंपरिक ओरण एवं चारागाह क्षेत्रों का सूक्ष्मता से चिन्हांकन कर वहां घास बुवाई तथा पौधारोपण कार्यों की रूपरेखा और तैयारियां भी सुनिश्चित की गईं, ताकि पशुधन और प्रकृति दोनों को संबल मिल सके। सामाजिक सरोकार से जुड़े “कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान” के अंतर्गत पूर्व स्वीकृत विकास कार्यों का उच्चाधिकारियों द्वारा गहन अवलोकन किया गया तथा क्षेत्र की आवश्यकता को देखते हुए नवीन कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति भी जारी की गई।

प्रशासनिक और वित्तीय तंत्र को गति देते हुए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) एवं बीजीआरजीवाई योजना के अंतर्गत जल संरक्षण के विभिन्न ढांचागत कार्य तुरंत प्रारम्भ कर दिए गए हैं। पारदर्शिता और वास्तविक समय पर निगरानी सुनिश्चित करने के लिए इन दोनों जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत शेष रहे कार्यों का प्रगति के अनुसार ‘जल संबल जन सहभागिता 2.0 पोर्टल’ पर विधिवत इन्द्राज (डिजिटल एंट्री) सुनिश्चित किया गया।

जयपुर जिला प्रशासन ने इस पुनीत कार्य की सफलता के लिए समाज के हर वर्ग, प्रबुद्ध जनप्रतिनिधियों, अग्रणी स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों से इस अभियान में अपनी सक्रिय और स्वैच्छिक भागीदारी निभाने की पुरजोर अपील की है। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि जब तक इस अभियान को आमजन का आत्मिक सहयोग नहीं मिलेगा, तब तक जल संकट का स्थाई समाधान संभव नहीं है; अतः इसे एक अक्षुण्ण जन आंदोलन का स्वरूप देकर ही भावी पीढ़ियों के लिए जल संकट से मुक्त और खुशहाल राजस्थान का निर्माण किया जा सकता है।

Pratahkal Bureau

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