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जयपुर में हुआ उषा राजश्री राठौड़ के काव्य संग्रह ‘सोनचिड़ी’ का विमोचन
By Naresh Ameta (Mumbai)Published on
जयपुर में 'सबद साधना' कार्यक्रम के तहत कवयित्री उषा राजश्री राठौड़ के काव्य संग्रह 'सोनचिड़ी' का विमोचन हुआ। जानिए साहित्यकारों की उपस्थिति में कैसे इस कृति ने स्त्री मन की गहरी संवेदनाओं को उजागर किया।

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जयपुर में ग्रास रूट मीडिया फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित ‘सबद साधना’ कार्यक्रम के दौरान शनिवार को कवयित्री उषा राजश्री राठौड़ के काव्य संग्रह ‘सोनचिड़ी’ का गरिमामय विमोचन संपन्न हुआ। इस विशेष समारोह में साहित्य जगत के प्रतिष्ठित दिग्गजों, शिक्षाविदों, साहित्यप्रेमियों और कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय साहित्य अकादमी के पूर्व सचिव डॉ. के. श्रीनिवास राव थे। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में अमर उजाला के संपादकीय समूह सलाहकार यशवंत व्यास ने शिरकत की, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती मृदुला बिहारी ने की। इस अवसर पर नई दिल्ली स्थित दूरदर्शन के पूर्व कार्यक्रम निदेशक डॉ. अमरनाथ ‘अमर’ सहित अनेक प्रबुद्ध साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।
यह काव्य संग्रह ‘सोनचिड़ी’ जीवन के विविध अनुभवों, रिश्तों, संघर्षों और गहरी संवेदनाओं के साथ-साथ स्त्री मन के सूक्ष्म व संवेदनशील संसार को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करता है। संग्रह में संकलित कविताओं के भीतर प्रेम, विरह, उम्मीद, अकेलापन, आत्मसम्मान और अपने जीवन को अपनी ही शर्तों पर जीने की तीव्र आकांक्षा जैसे भाव प्रमुखता से उजागर होते हैं। पुस्तक विमोचन के अवसर पर कवयित्री उषा राठौड़ ने अपनी बात रखते हुए कहा कि ‘सोनचिड़ी’ उनके मन और जीवन के व्यक्तिगत अनुभवों से उपजी भावनाओं की एक सच्ची आवाज है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लेखन उनके लिए महज अभिव्यक्ति का एक जरिया नहीं, बल्कि स्वयं से संवाद स्थापित करने की एक निरंतर प्रक्रिया है।
समारोह के दौरान उपस्थित अतिथियों और वक्ताओं ने काव्य संग्रह की समृद्ध विषयवस्तु और कवयित्री की संवेदनशील लेखनी की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उन्हें अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि ‘सोनचिड़ी’ में जीवन के विभिन्न भावनात्मक पक्षों को बेहद सहज, व्यावहारिक और मार्मिक भाषा में पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। भव्य विमोचन समारोह के सफलतापूर्वक संपन्न होने के साथ ही ‘सोनचिड़ी’ अब साहित्य जगत और पाठकों के बीच अपनी वैचारिक तथा साहित्यिक उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Naresh Ameta (Mumbai)
नरेश अमेटा (मुंबई), प्रात:काल समाचार वेबसाइट के अनुभवी संवाददाता हैं। मुंबई से कार्यरत नरेश जी समाचार की सटीकता और निष्पक्षता के लिए जाने जाते हैं। वे प्रमुख राष्ट्रीय और स्थानीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं और अपने विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से पाठकों को घटनाओं की गहरी समझ प्रदान करते हैं। नरेश जी की लेखनी में तथ्यपरक जानकारी के साथ-साथ घटनाओं की ताज़ा और भरोसेमंद प्रस्तुति देखने को मिलती है, जो प्रात:काल के पाठकों के लिए समाचार अनुभव को और समृद्ध बनाती है।
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