यूपीआई में बदल रही ग्राहक वफादारी की तस्वीर: 83% यूजर्स बेहतर रिवॉर्ड्स के लिए बदल रहे हैं ऐप, नई रिसर्च में बड़ा खुलासा
एम्पावर इंडिया की नई रिसर्च में खुलासा हुआ है कि भारत में 83% यूपीआई उपयोगकर्ता बेहतर रिवॉर्ड्स और कैशबैक के लिए भुगतान ऐप बदलने को तैयार हैं। अध्ययन में अमेज़न पे, गूगल पे, फोनपे और पेटीएम की ग्राहक संतुष्टि का भी मूल्यांकन किया गया है, जो यूपीआई की अगली प्रतिस्पर्धा की नई दिशा दिखाता है।

नई दिल्ली, 22 जुलाई 2026: भारत के यूपीआई इकोसिस्टम में ग्राहकों की पसंद और वफादारी को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। एम्पावर इंडिया द्वारा प्राथमिक और द्वितीयक शोध के आधार पर किए गए अध्ययन में पाया गया है कि अब रिवॉर्ड्स और कैशबैक यूपीआई ऐप चुनने का सबसे महत्वपूर्ण आधार बन चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 89% यूपीआई उपयोगकर्ता भुगतान ऐप का चयन करते समय रिवॉर्ड्स और कैशबैक को ध्यान में रखते हैं, जबकि 83% उपयोगकर्ता बेहतर रिवॉर्ड्स मिलने पर अपना भुगतान ऐप बदलने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा, 94% लोगों ने ऐप बदलने के दौरान रिवॉर्ड्स को महत्वपूर्ण माना और 88% उपयोगकर्ता बेहतर विकल्प तलाशने के लिए विभिन्न यूपीआई ऐप्स की सक्रिय रूप से तुलना करते हैं। अध्ययन के मुताबिक, रिवॉर्ड्स अब केवल प्रमोशनल ऑफर नहीं रह गए हैं, बल्कि डिजिटल भुगतान से जुड़े निर्णयों को प्रभावित करने वाला प्रमुख कारक बन चुके हैं।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि जिन उपयोगकर्ताओं ने अपना यूपीआई प्लेटफॉर्म बदला, उनमें से 59% ने खराब रिवॉर्ड्स और लाभों को पिछला प्लेटफॉर्म छोड़ने का सबसे बड़ा कारण बताया। इसके अलावा, 64% ने उपयोग में आसानी, 61% ने विश्वास और सहायता तथा 28% ने भुगतान की सुविधा को ऐप बदलने के प्रमुख कारणों में शामिल किया। अध्ययन के अनुसार, रिवॉर्ड्स अब केवल नए ग्राहकों को आकर्षित करने का माध्यम नहीं, बल्कि डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स के लिए ग्राहकों को लंबे समय तक अपने साथ बनाए रखने का महत्वपूर्ण आधार बन गए हैं।
इन निष्कर्षों पर प्रतिक्रिया देते हुए एम्पावर इंडिया के डायरेक्टर जनरल के. गिरी ने कहा, “भारत ने दुनिया का एक सबसे बेहतरीन और तेज़ डिजिटल पेमेंट सिस्टम तैयार किया है। लेकिन यूपीआई की तरक्की का अगला दौर इस बात पर निर्भर नहीं करेगा कि कितने लोग इसे अपना रहे हैं, बल्कि इस बात पर निर्भर करेगा कि लोग ऐप का इस्तेमाल कितना ज़्यादा कर रहे हैं। हमारी रिसर्च बताती है कि ग्राहक अब हर एक पेमेंट पर किसी न किसी फायदे की उम्मीद रखते हैं। इसीलिए रिवॉर्ड्स अब सिर्फ़ एक स्कीम नहीं, बल्कि पेमेंट करने का एक ज़रूरी हिस्सा बन चुके हैं। आने वाले समय में जैसे-जैसे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, वही ऐप्स ग्राहकों को अपने साथ जोड़े रख पाएँगे जो भरोसेमंद पेमेंट के साथ-साथ उन्हें रोज़ाना बढ़िया फ़ायदे भी देंगे।”
अध्ययन में प्रमुख यूपीआई प्लेटफॉर्म्स पर रिवॉर्ड्स को लेकर ग्राहक संतुष्टि का भी मूल्यांकन किया गया। इसमें अमेज़न पे सबसे अधिक रेटिंग वाला प्लेटफॉर्म बनकर सामने आया, जहां 74% उपयोगकर्ताओं ने मिलने वाले रिवॉर्ड्स से खुद को “बेहद संतुष्ट” बताया। वहीं, फोनपे और गूगल पे ने भरोसे और सुरक्षा के मामले में मजबूत प्रदर्शन किया, जबकि पेटीएम ने उपयोग में आसानी के मामले में उच्च अंक हासिल किए।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेज़न पे के 87% उपयोगकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने इस प्लेटफॉर्म को रिवॉर्ड्स और कैशबैक के जरिए मिलने वाले रोजमर्रा के फायदों के कारण चुना, जबकि गूगल पे के लिए यह आंकड़ा 73% रहा। वहीं, अमेज़न पे के 50% उपयोगकर्ताओं ने रोजाना के भुगतान पर मिलने वाले कैशबैक को ऐप इस्तेमाल करने का प्रमुख कारण बताया। इसकी तुलना में फोनपे के 38% और गूगल पे के 35% उपयोगकर्ताओं ने भी यही वजह बताई। रिवॉर्ड्स रिडीम करने की सुविधा के मामले में फोनपे और अमेज़न पे दोनों का प्रदर्शन 68% रहा, जो गूगल पे के 70% के बेहद करीब है। अध्ययन के अनुसार, रिवॉर्ड्स को आसानी से रिडीम करने की सुविधा पूरे यूपीआई इकोसिस्टम में प्रतिस्पर्धा का महत्वपूर्ण आधार बनती जा रही है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत का यूपीआई इकोसिस्टम अब परिपक्वता के नए चरण में प्रवेश कर चुका है। गति, विश्वसनीयता, सुरक्षा और मर्चेंट स्वीकृति जैसी बुनियादी सुविधाएं अब प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त का माध्यम नहीं, बल्कि उपयोगकर्ताओं की सामान्य अपेक्षाएं बन चुकी हैं। जैसे-जैसे इन कार्यात्मक अंतरालों में कमी आ रही है, वैसे-वैसे ग्राहकों की पसंद इस बात से तय हो रही है कि कौन-सा प्लेटफॉर्म लगातार, प्रासंगिक और उपयोग में आसान रिवॉर्ड्स उपलब्ध करा रहा है, जिससे रोजमर्रा के भुगतान पर वास्तविक लाभ मिल सके।
अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि यूपीआई की अगली विकास यात्रा नए उपयोगकर्ताओं को जोड़ने की बजाय मौजूदा ग्राहकों को अपने साथ बनाए रखने पर अधिक निर्भर होगी। रिपोर्ट के अनुसार, यह भारतीय रिजर्व बैंक के उस विज़न को भी नई दिशा देता है, जिसका उद्देश्य देश में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है। आने वाले समय में ऐप्स के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने के साथ केवल भुगतान सुविधा पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि ग्राहकों को बनाए रखने के लिए बेहतर रिवॉर्ड्स और उत्कृष्ट सेवा देना भी उतना ही आवश्यक होगा। एक ऐप से दूसरे ऐप पर जाना अब बेहद आसान हो चुका है, ऐसे में ग्राहक उन्हीं प्लेटफॉर्म्स के प्रति वफादार रहेंगे जो प्रत्येक भुगतान पर उन्हें अतिरिक्त लाभ उपलब्ध कराएंगे।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
