भारत की इंजीनियरिंग शिक्षा को उद्योग की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाते हुए upGrad स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी ने कर्नाटक की डीम्ड-टू-बी-यूनिवर्सिटी श्री सिद्धार्थ एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (SSAHE) के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस सहयोग का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसरों में ऑन-कैंपस इनोवेशन को बढ़ावा देना और कंप्यूटर व उभरती तकनीकी शाखाओं के छात्रों को अकादमिक मजबूती के साथ गहरे उद्योग-संपर्क से लैस करना है।

इस समझौते के तहत upGrad स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी, SSAHE के मौजूदा इंजीनियरिंग कार्यक्रमों में एक इंडस्ट्री-अलाइन्ड स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी को एकीकृत करेगा। CEO विश्व मोहन और चीफ रेवेन्यू एवं आउटकम ऑफिसर मेहुल खंडेदिया के नेतृत्व में upGrad, विश्वविद्यालय को अकादमिक और करिकुलम एडवाइजरी सपोर्ट प्रदान करेगा। साथ ही, छात्रों को रिसर्च एक्सपोजर, बिल्ड स्प्रिंट और पहले दिन से स्पेशलाइजेशन के अवसर मिलेंगे, जिन्हें AI-फर्स्ट लर्निंग टेक्नोलॉजी का सहयोग प्राप्त होगा। यह तकनीक पर्सनलाइज्ड लर्निंग पाथवे, रियल-टाइम स्किल प्रोग्रेस ट्रैकिंग और सतत अकादमिक सहायता सुनिश्चित करेगी।

साझेदारी के माध्यम से upGrad स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी भारत के युवाओं के लिए जॉब-फोकस्ड, हाई-क्वालिटी लर्निंग सिस्टम विकसित करने के अपने अनुभव को SSAHE के इंजीनियरिंग फ्रेमवर्क में समाहित करेगा। इसके अंतर्गत क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और फुल स्टैक इंजीनियरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रैक्टिशनर-लेड मॉड्यूल्स उपलब्ध कराए जाएंगे। छात्रों को बड़े पैमाने पर कोडिंग प्रैक्टिस, प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग और इंडस्ट्री से जुड़े संरचित अवसरों के जरिए टेक रोल्स और प्रोडक्ट-थिंकिंग का प्रारंभिक अनुभव मिलेगा।

SSAHE, अपने चांसलर और कर्नाटक के गृह मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर के नेतृत्व में, इस पहल के जरिए अपने इंजीनियरिंग करिकुलम को ग्लोबल-स्टैंडर्ड टेक्नोलॉजी डिसिप्लिन, रिसर्च एक्सपोजर और एंटरप्रेन्योरियल स्किल डेवलपमेंट के साथ सशक्त बना रहा है। लॉन्च के अवसर पर डॉ. परमेश्वर ने कहा कि यह सहयोग SSAHE के लिए परिवर्तनकारी क्षण है, जो विश्वविद्यालय को नवाचार-संचालित और उद्योग-संरेखित शिक्षा के एक नए युग में ले जा रहा है। चार दशकों में 40,000 से अधिक इंजीनियर तैयार करने के बाद, SSAHE अब वैश्विक प्रथाओं और मजबूत अकादमिक आधार के संगम से छात्रों को भारत की तकनीकी प्रगति की अगली लहर का नेतृत्व करने के लिए तैयार कर रहा है।

SSAHE के चांसलर के सलाहकार डॉ. विवेक वीरैया ने इसे उद्योग-संचालित, एप्लिकेशन-प्रथम शिक्षा की दिशा में एक अहम पहल बताते हुए कहा कि इससे प्रत्येक छात्र भविष्य के लिए तैयार प्रौद्योगिकीविद् के रूप में स्नातक होगा। आगे के चरणों में प्रोटोटाइपिंग लैब, सीड-सपोर्ट चैनल, वैश्विक संस्थापकों और CTOs से मास्टरक्लास, तथा स्टार्टअप आइडिया को विकसित और वैलिडेट करने के लिए संरचित सहयोग भी प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही, भारत और विदेश में डीप-टेक रिसर्च के लिए 360-डिग्री इकोसिस्टम विकसित करने की योजना है।

विश्व मोहन और मेहुल खंडेदिया ने संयुक्त बयान में कहा कि विश्वविद्यालय लंबे समय से भारत की इंजीनियरिंग शिक्षा की रीढ़ रहे हैं, लेकिन तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में एप्लिकेशन-फर्स्ट लर्निंग की समानांतर परत आवश्यक हो गई है। यह सहयोग छात्रों को रियल-टाइम ट्रेनिंग देकर उन्हें स्नातक होते ही इंडस्ट्री-रेडी कंट्रीब्यूटर बनाने की दिशा में केंद्रित है।

फेज़-1 में upGrad स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी दक्षिण भारत में विश्वविद्यालय और संस्थागत साझेदारियों पर ध्यान देगा, जिसके बाद इसे राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया जाएगा। upGrad के संस्थापक रॉनी स्क्रूवाला ने कहा कि भारत अब लेबर आर्बिट्रेज से आगे बढ़कर एक सच्चा टैलेंट मैग्नेट बन रहा है और सिद्धार्थ जैसी यूनिवर्सिटीज़ इस बदलाव की प्रमुख धुरी हैं। यह सहयोग भारत के इनोवेटर्स और जॉब क्रिएटर्स की अगली पीढ़ी के लिए मजबूत नींव रखेगा।

अपग्रैड स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी का औपचारिक उद्घाटन 20 दिसंबर को बेंगलुरु में माननीय डॉ. जी. परमेश्वर, अकादमिक और इंडस्ट्री लीडर्स की उपस्थिति में किया जाएगा, जहां इस बात पर मंथन होगा कि भारत के इंजीनियरिंग युवा विकसित भारत की यात्रा को किस प्रकार आकार देंगे।

Pratahkal Newsroom

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