उदयपुर में मेडिकल संचालक को गांजा रखकर फंसाने की साजिश बेनकाब, महिला समेत 5 आरोपी गिरफ्तार
उदयपुर के सायरा में मेडिकल संचालक को झूठे एनडीपीएस केस में फंसाने की साजिश पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बेनकाब कर महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।

उदयपुर जिले के सायरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने सतर्कता और निष्पक्ष जांच का परिचय देते हुए एक निर्दोष मेडिकल स्टोर संचालक को झूठे एनडीपीएस मामले में फंसाने की साजिश का पर्दाफाश किया है। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा और वृत्ताधिकारी गिर्वा गोपाल चंदेल के सुपरविजन में सायरा थानाधिकारी शैतान सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने एक मेडिकल संचालक को फंसाने के आरोप में महिला समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि मामले की शुरुआत 21 जुलाई 2026 को हुई, जब पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि सायरा-भानपुरा रोड स्थित कृष्ण मेडिकल पर अवैध मादक पदार्थ रखा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर मेडिकल स्टोर से 1.230 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया।
हालांकि, कार्रवाई के बाद पुलिस ने मेडिकल दुकान के संचालक महेश हड़िया से गहन पूछताछ की और मामले की सच्चाई जानने के लिए पड़ोस की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच की। जांच के दौरान पूरा घटनाक्रम बदल गया। सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध महिला मेडिकल स्टोर के भीतर चुपके से सफेद रंग का कट्टा रखकर बाहर जाती हुई स्पष्ट दिखाई दी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहन पड़ताल शुरू की।
अनुसंधान में सामने आया कि भानपुरा रोड पर ही मेडिकल स्टोर संचालित करने वाले आरोपी गोपाल कुमार की महेश हड़िया से पहले से आपसी कहासुनी और व्यवसायिक रंजिश चल रही थी। महेश के बढ़ते कारोबार से नाराज होकर उसे रास्ते से हटाने और जेल भिजवाने की नीयत से गोपाल कुमार ने अपने साथी पदमाराम के साथ मिलकर पूरी साजिश रची।
पुलिस जांच के अनुसार, योजना के तहत पदमाराम के कहने पर बाबला अवैध गांजा लेकर आया। इसके बाद पदमाराम के इशारे पर लीला बाई और उसके पति अशोक उर्फ आशाराम ने महेश हड़िया के मेडिकल स्टोर के भीतर छिपकर गांजे की थैली रख दी। इसके बाद आरोपियों ने स्वयं ही पुलिस को फर्जी मुखबिरी कर दी, ताकि मेडिकल संचालक को एनडीपीएस प्रकरण में फंसाकर जेल भेजा जा सके।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए षड्यंत्र में शामिल सभी पांच आरोपियों लीला बाई, उसके पति आशाराम उर्फ अशोक, पदमाराम, बाबला निवासी ज्वारवाला थाना सायरा तथा मुख्य षड्यंत्रकारी गोपाल कुमार निवासी भानपुरा रोड, सायरा, जिला उदयपुर को गिरफ्तार कर लिया है।
निर्दोष व्यक्ति को न्याय दिलाने और साजिशकर्ताओं को कानून के शिकंजे तक पहुंचाने की कार्रवाई में सायरा थानाधिकारी शैतान सिंह, गोगुंदा थानाधिकारी प्रवीण सिंह, हेड कांस्टेबल रामदयाल तथा कांस्टेबल रूपाराम, धर्मेंद्र, लोकेंद्र सिंह, निम्बाराम, पुष्पराम, सत्यनारायण और योगेंद्र सैन की विशेष भूमिका रही। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले में आगे की जांच कर रही है।

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