हरियाणा की सस्ती शराब पर राजस्थान का नकली मोनोग्राम, ₹50 लाख की शराब जब्त
उदयपुर में हिरणमगरी पुलिस और डीएसटी ने हरियाणा की सस्ती शराब पर राजस्थान के नकली मोनोग्राम लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। रीको कलड़वास गोदाम से ₹50 लाख की शराब, वाहन और फर्जी नंबर प्लेटें जब्त की गईं।

तस्वीर में उदयपुर के रीको कलड़वास स्थित गोदाम के बाहर जब्त अवैध शराब, वाहनों और कार्टन के साथ पुलिसकर्मी और हिरासत में लिया गया मुख्य आरोपी नजर आ रहे हैं।
उदयपुर में हिरणमगरी थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए हरियाणा से सस्ती शराब लाकर उस पर राजस्थान आबकारी विभाग के फर्जी होलोग्राम, सील और मोनोग्राम लगाकर महंगे दामों में बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। आगामी चुनावों के मद्देनजर लागू आदर्श आचार संहिता की पालना में की गई इस कार्रवाई के दौरान रीको कलड़वास स्थित एक गोदाम से करीब ₹50 लाख बाजार मूल्य की अवैध अंग्रेजी शराब और बीयर बरामद की गई। पुलिस ने नकली मोनोग्राम लगाने की मशीन, 15 फर्जी नंबर प्लेटें और शराब से भरे तीन वाहन भी जब्त किए हैं।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में हुई कार्रवाई में मुख्य अभियुक्त केदार कुमार सेनानी (44) पुत्र गोविंदराम, निवासी गोवर्धन विलास, उदयपुर को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह के तीन अन्य सदस्य फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश ओझा और वृत्ताधिकारी छवि शर्मा के सुपरविजन में हिरणमगरी थानाधिकारी रवीन्द्र सिंह तथा डीएसटी प्रभारी भरत योगी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। टीम को शनिवार 5 सितंबर को सटीक मुखबिर सूचना मिली कि रीको कलड़वास स्थित एक गोदाम में अवैध शराब का बड़ा जखीरा जमा है और उसे वाहनों के जरिए सप्लाई करने की तैयारी की जा रही है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल गोदाम पर दबिश दी। तलाशी के दौरान विभिन्न नामचीन ब्रांड्स की अवैध शराब और बीयर से भरी 02 कारें तथा 01 टेम्पो बरामद किया गया। गोदाम के अंदर 60 कार्टन अंग्रेजी शराब और 110 बीयर के टीन भी मिले। बरामद शराब की बोतलों पर "फॉर सेल इन हरियाणा ऑन ओनली" अंकित था।
जांच में सामने आया कि अंतरराज्यीय गिरोह हरियाणा से सस्ती शराब लाकर गोदाम में रखता था। इसके बाद गोदाम में मौजूद विशेष मशीन की मदद से बोतलों पर विभिन्न ब्रांड्स के नकली मोनोग्राम और स्टीकर लगाए जाते थे। साथ ही राजस्थान आबकारी विभाग के फर्जी होलोग्राम और सील भी लगाए जाते थे।
गिरोह हरियाणा की सस्ती शराब को राजस्थान की असली और महंगी शराब बताकर ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करता था और उसे महंगे दामों पर बेचता था। पुलिस ने मौके से अलग-अलग वाहनों की 15 फर्जी नंबर प्लेटें भी बरामद की हैं, जिनका इस्तेमाल पुलिस को गुमराह करने के लिए किया जाता था।
मामले में थाना हिरणमगरी पर आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने मुख्य अभियुक्त केदार कुमार सेनानी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चिन्हित तीन अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। कार्रवाई से अवैध शराब की अंतरराज्यीय सप्लाई और नकली मोनोग्राम के जरिए की जा रही धोखाधड़ी के नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

